ईरान के विरुद्ध अमरीका के प्रतिबंधों का प्रभाव उलटा होगाः विदेशमंत्री
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री ने कहा है कि ईरान के विरुद्ध अमरीकी प्रतिबंधों के सामाजिक व आर्थिक आयामों में पूर्ण रूप से परिणाम उनके लिए उलटे होंगे।
हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अलमयादीन टीवी चैनल से बात करते हुए ईरान के विरुद्ध अमरीका के थोपे गये प्रतिबंधों को लाभहीन बताया और कहा कि ईरान का मानना है कि ईरान के साथ परमाणु वार्ता में गुट पांच धन एक की परिधि में अमरीका के शामिल होने कारण, ईरान का सत्यापन नहीं था बल्कि उन्होंने बराक ओबामा के काल में समस्त विकल्पों को आज़मा लिया था।
श्री ज़रीफ़ ने कहा कि अमरीकी प्रतिबंधों से न केवल ईरान आर्थिक रूप से प्रभावित नहीं होगा बल्कि राजनैतिक मैदान में भी यह प्रभावहीन रहा और इन प्रतिबंधों के बाद ईरान ने शांतिपूर्ण कार्यक्रम में अपनी क्षमताओं को मज़बूत कर लिया।
उन्होंने गुट पांच धन एक के साथ ईरान की परमाणु वार्ता में सऊदी अरब और ज़ायोनी शासन द्वारा खुलकर रुकावटें पैदा करने की ओर संकेत करते हुए कहा कि जुलाई 2015 में परमाणु वार्ता की समाप्ति के बाद भी इन दोनों सरकारों ने प्रयास किया कि अमरीकी कांग्रेस और अन्य चैनल्स के प्रभाव के माध्यम से इस समझौते के क्रियान्वयन के मार्ग में रुकावट पैदा करें या उसे सीमित करें किन्तु सफल नहीं हो सके।
श्री जवाद ज़रीफ़ ने ज़ायोनी शासन को दुनिया और क्षेत्र में सबसे बड़ा परमाणु ख़तरा बताया और कहा कि फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों के हननकर्ता और दुनिया में सबसे बड़े परमाणु ख़तरे के रूप में इस्राईल ने अब तक लेबनान, फ़िलिस्तीन, जार्डन, सीरिया और यहां मिस्र सहित क्षेत्र के समस्त राष्ट्रों के विरुद्ध शत्रुतापूर्ण कार्यवाहियां की हैं। जवाद ज़रीफ़ ने तुर्की को ईरान का एक महत्वपूर्ण देश बताया और कहा कि तुर्की मध्यपूर्व में प्रभावी और महत्वपूर्ण देश है। (AK)