मानवाधिकारों के उल्लंघन पर अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी निंदनीय
आयतुल्लाह किरमानी ने कहा है कि दुनिया में होने वाले मानवाधिकारों के उल्लंघन पर विश्व समुदाय की चुप्पी से उनकी विश्वसनीयता समाप्त हो गई।
तेहरान के इमामे जुमा ने पश्चिम द्वारा मानवाधिकारों के सम्मान के नारे की आलोचना करते हुए कहा कि इनमें से कुछ देश आतंकवाद का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।
आयतुल्लाह मुहम्मद अली मुवह्हेदी किरमानी ने तेहरान में जुमे की नमाज़ के ख़त्बे में कहा कि सऊदी अरब की ओर से ईरान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप एेसी स्थिति में लगाया जा रहा है कि जब सऊदी अरब ने पिछले दो सालों के दौरान यमन पर आक्रमण करके हज़ारों निर्दोष लोगों की हत्या की है। उन्होंने सऊदी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों पर अत्याचार करके तुम अपने देश को विनाश की ओर ले जा रहे हो।
आयतुल्लाह किरमानी ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की मूल नीति, अत्याचारग्रस्तों के समर्थन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस समय ईरान, क्षेत्र में बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है जो तानाशाही पहलवी शासन काल में अमरीकी कठपुतली था।
तेहरान के अस्थाई इमामे जुमा आयतुल्लाह किरमानी ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव की ओर संकेत करते हुए कहा कि चुनाव जनता के लिए कठिन परीक्षा के समान होते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की जनता योग्य प्रतिनिधि का चयन करेगी।