ब्रिटिश प्रधानमंत्री की बकवास पर ईरान का करारा जवाब
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ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि क्षेत्र की निहत्थी जनता के जनसंहार विशेषकर यमन पर सऊदी अरब के अमानवीय और असमान हमलों में शामिल देशों और आक्रमणकारियों को को हथियार बेचना, ब्रिटिश प्रधानमंत्री के दावों से मेल नहीं खाता।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr ०६, २०१७ ०४:५२ Asia/Kolkata
  • ब्रिटिश प्रधानमंत्री की बकवास पर ईरान का करारा जवाब

ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि क्षेत्र की निहत्थी जनता के जनसंहार विशेषकर यमन पर सऊदी अरब के अमानवीय और असमान हमलों में शामिल देशों और आक्रमणकारियों को को हथियार बेचना, ब्रिटिश प्रधानमंत्री के दावों से मेल नहीं खाता।

बहराम क़ासिमी ने गुरुवार की सुबह ब्रिटिश प्रधानमंत्री थ्रेसा मे के सऊदी अरब में किए गये दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिसमें उन्होंने ईरान पर क्षेत्र में अस्थिरता और अशांति पैदा करने का आरोप लगाया, कहा कि खेद की बात यह है कि यह पहली बार नहीं है कि ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने झूठ को सच्चाई पर प्राथमिकता दी है।

उनका कहना था कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने बड़ी सरलता से क्षेत्र के हालिया दशकों की घटनाओं और परिवर्तनों पर आंखें मूंद ली हैं और जान बूझकर या ग़लती से यह भूल गयी हैं कि मध्यपूर्व की अशांति, अस्थिरता और पिछड़ेपन का एक भाग, ब्रिटेन और उसके घटकों की विस्तारवादी, साम्राज्यवादी और अन्यायपूर्ण नीतियों और क्षेत्रीय देशों में हमलों और युद्ध भड़काने की पालिसियों का परिणाम है।

श्री बहराम क़ासिमी ने कहा कि निसंदेह मध्यपूर्व के स्ट्रैटैजिक व महत्वपूर्ण क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा की बहाली में ईरान के मज़बूत और अटल प्रयास, पारदर्शी, सूक्ष्म, आतंकवाद और हिंसा से संघर्ष में समझ बूझ पर आधारित हैं।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि थ्रेसा मे का यह निराधार आरोप एेसी हालत में सामने आया है कि आतंकवाद की भेंट चढ़ने वाले देशों और उन देशों में जिन्होंने ईरान से समर्थन और सहायता की मांग की, शांति व स्थिरता और सुरक्षा की बहाली में ईरान की मूख्य भूमिका किसी से छिपी नहीं है।

बहराम क़ासिमी ने कहा कि संभव है कि ब्रिटेन की प्रधानमंत्री और मध्यपूर्व में इस देश के कुछ निकट घटक, सीरिया और इराक़ में आतंकवादी गुटों की सफलता में अपने समीकरणों के व्यवहारिक न होने तथा आतंकवादी तत्वों को पीछे ढकेले जाने से अधिक प्रसन्न नहीं हैं और उनकी रुचि है कि क्षेत्र यथावत अशांति और अस्थिरता का शिकार रहे।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने बल दिया कि ईरान, इस प्रकार के बयानों को जिसका उद्देश्य क्षेत्र के कुछ देशों के वित्तीय समर्थन और उनकी प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए दिया गया है, कड़ाई से रद्द करता है और आशा करता है कि लंदन के अधिकारी वास्तविकताओं को समझते हुए तथा फ़ार्स की खाड़ी के क्षेत्र में अपने अतीत के अनुभवों से लाभ उठाते हुए अपने ग़लत दृष्टिकोणों को सही करने की कार्यवाही करें। (AK)