ईरान और आज़रबाइजान गणराज्य के संयुक्त हित व ख़तरे
ईरान और आज़रबाइजान गणराज्य के रक्षामंत्रियों ने दोनों देशों के संयुक्त हितों, ख़तरों और लक्ष्यों की समीक्षा की और सैन्य व रक्षा संबंधों के विस्तार पर बल दिया।
आज़रबाइजान गणराज्य के राष्ट्रपति ब्रिगेडयर जनरल ज़ाकिर हसन ओफ़ और ईरान के रक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल हुसैन दहक़ान ने रविवार को वार्ता की। इस वार्ता में ईरान और आज़रबाइजान गणराज्य के आसपास के क्षेत्रों में संयुक्त ख़तरों के दृष्टिगत तेहरान और बाकू के मध्य सैन्य सहयोग के विस्तार पर बल दिया गया।
ईरान और आज़रबाइजान गणराज्य के बीच बहुत सारी सांस्कृतिक, धार्मिक एेतिहसिक और जातीय समानताएं पायी जाती हैं जो संबंधों के विस्तार के मार्ग में तेहरान और बाकू के संबंधों को मज़बूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
इसी परिधि में ईरान और आज़रबाइजान गणराज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधों को विस्तृत करने के लिए संयुक्त क्षमताओं के दृष्टिगत विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए। ईरान और आज़रबाइजान गणराज्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र, रक्षा का क्षेत्र है ताकि संयुक्त ख़तरों के दृष्टिगत इस क्षेत्र की संभावनाओं से भरपूर लाभ उठा सकें।
विभिन्न क्षेत्रों में आतंकवाद के प्रभाव तथा केन्द्रीय एशिया और काकेशिया क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि के दृष्टिगत,दोनों देशों को रक्षा और सैन्य सहयोग में विस्तार के लिए पहले से अधिक आकृष्ट कर दिया है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी एशिया का क्षेत्र, इस्राईल, अमरीका और सऊदी अरब समर्थित दाइश जैसे अन्य आतंकवादी गुटों के अत्याचारों का शिकार है और इसके बारे में निश्चेतना से क्षेत्र में अशांति बढ़ जाएगी।
इन परिस्थितियों में यदि क्षेत्रीय देश आतंकवाद के बारे में ज़िम्मेदारी भरी नीति नहीं अपनाते हैं तो अशांति और संकट दिन प्रतिदिन बढ़ता जाएगा और ग़ैर ज़िम्मेदार देश भी निशाना बनेंगे। (AK)