ईरान में राष्ट्रपति पद के प्रत्याशियों के चुनाव अभियान में आई तेज़ी
ईरान में राष्ट्रपति पद के चुनाव की तारीख़ जैसे-जैसे नज़दीक आ रही है वैसे-वैसे इस पद के उम्मीदवारों ने अपने चुनावी अभियान में तेज़ी लानी शुरू कर दी है।
ईरान में आगामी राष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान अपने चरम पर हैं। इस चुनाव में भाग ले रहे विभिन्न उम्मीदवार, रेडियो, टेलीविज़न और जनसभाओं के माध्यम से देश के अलग-अलग मुद्दों के समाधान के रास्तों को बताकर जनता का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
मौजूदा राष्ट्रपति और राष्ट्रपति पद उम्मीदवार डॉक्टर हसन रूहानी ने मंगलवार को एक कारखाने के उद्घाटन के अवसर पर घरेलू उत्पादन और रोज़गार के अवसर बढ़ाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार दोनों क्षेत्रों में काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि देश का ऑटो मोबाईल उद्योग, अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में तुलना के योग्य हो गया है और हम बहुत जल्द दुनिया भर में ईरान की बनी हुई कारें निर्यात करने लगेंगे।
एक और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और तेहरान के मेयर मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़ ने राष्ट्रीय टेलीविज़न चैनल-2 के एक ख़ास कार्यक्रम में बातचीत करते हुए देश के पिछड़ों के कल्याण को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति पिछड़े और कमज़ोर लोगों की क्रांति है और हमारी संस्कृति भी पिछड़ों के समर्थन पर बल देती है। क़ालीबाफ़ ने कहा कि उन्होंने देश में रोज़गार के पांच लाख अवसर पैदा करने की योजना तैयार कर रखा है जबकि 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार मिलने तक सरकार की ओर से मासिक भत्ता दिया जाएगा।
राजधानी तेहरान के वर्तमान मेयर ने कहा कि उनके राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर वे व्यापक परमाणु समझौते का सम्मान करेंगे क्योंकि कोई भी सरकार इस समझौते से मुंह नहीं मोड़ सकती।
राष्ट्रपति पद के एक और उम्मीदवार सैयद इब्राहीम रईसी, जो ईरान के पिवत्र नगर मशहद में स्थित शिया मुसमलानों के आठवें इमाम, इमाम अली रज़ा के रौज़े के मुतवल्ली भी हैं, उन्होंने हमदान शहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह ईरानी जनता की कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
इब्राहीम रईसी ने कहा कि समाज में वर्गभेद, इंसानियत और इस्लाम दोनों की दृष्टि से सही नहीं है। उन्होंने कहा कि देश का धन तमाम वर्गों में समान रूप से पहुंचना चाहिए। सैयद इब्राहीम रईस का कहना था कि वह अगर राष्ट्रपति पद के चुनाव में जीत कर आते हैं तो उनकी प्राथमिकता यह होगी कि सरकार की सभी परियोजनाओं को आम जनता के साथ-साथ पिछड़े और वंचित वर्गों तक भी पहुंचाएं ताकि समाज के हर वर्ग के साथ न्याय हो सके।
एक और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और मौजूदा उप राष्ट्रपति इसहाक़ जहांगीर ने तेहरान विश्वविद्यालय में एक शिक्षा महोत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हम देश के शैक्षिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों की समस्याओं को हल करने में सफल हो जाएं तो देश की कई समस्याएं हल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर वे विश्वविद्यालयों में विशेष ध्यान देंगे।
इसहाक़ जहांगीर ने भी बेरोज़गारी को देश की सबसे बड़ी चुनौती क़रार दिया और कहा कि उचित योजना के माध्यम से बेरोज़गारी पर क़ाबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश में रोज़गार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं लेकिन इस लक्ष्य तक पहुँचने के लिए हमें भरपूर योजनाएं बनानी होंगी। (RZ)