ईरान की सेना शत्रु की धमकियों का ठोस जवाब देगी
ईरान की सेना के चीफ़ आॅफ़ स्टाफ़ ने कहा है कि शत्रु के किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को अत्यंत ठोस जवाब का सामना करना पड़ेगा।
मेजर जनरल मुहम्मद बाक़ेरी ने सोमवार को तेहरान में एक समारोह में, इस्लामी क्रांति के शत्रुओं की ओर से ईरान को दी जा रही धमकियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान के शत्रुओं को पूरा विश्वास है कि इस देश के ख़िलाफ़ सैन्य हमला संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि दुश्मनों को जान लेना चाहिए कि ईरान के संबंध में हर प्रकार के समीकरण में ग़लती या उसके ख़िलाफ़ छोटा से अतिक्रमण का भी तुरंत, ठोस जवाब दिया जाएगा जिससे उन्हें हार उठाने और पछताने पर विवश होना पड़ेगा।
ईरान की सेना के चीफ़ आॅफ़ स्टाफ़ ने कहा कि दुश्मन, कुछ मूल्यहीन आतंकियों के सहारे ईरान की सीमाओं पर अशांति पैदा करना या ईरान के हितों को नुक़सान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इसका उनके अधिक अपमानित होने के अलावा और कोई नतीजा नहीं निकलेगा। मेजर जनरल मुहम्मद बाक़ेरी ने कहा कि ईरान के दुश्मन विभिन्न हथकंडों से इस देश और इसकी जनता की सुरक्षा को आघात पहुंचाना चाहते हैं और इस परिस्थिति में सैनिकों के लिए भरपूर तैयारी और विभिन्न तकनीकों में दक्षता बहुत ज़रूरी है।
जनरल बाक़ेरी ने ईरान पाकिस्तान सीमा पर हुई हालिया घटना में ईरानी सीमा सुरक्षा बल के जवानों की शहादत का हवाला देते हुए कहा कि खेद की बात है कि ईरानी सीमा से लगे पाकिस्तान के क्षेत्र सऊदी अरब और अमरीका के इशारे पर काम करने वाले आतंकियों के प्रशिक्षण का ठिकाना बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि पाकिस्तान के अधकारी इस विषय को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं और पाकिस्तान की जनता में ईरान की इस्लामी क्रान्ति, इमाम ख़ुमैनी और इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के प्रति कितना लगाव है, लेकिन यदि संयुक्त सीमा पर यह स्थिति जारी रही तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, हमें पाकिस्तान के अधिकारियों से यह अपेक्षा है कि वह अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करें और आतंकियों को गिरफ़तार करके ईरान के हवाले करें और उनके ठिकानों को बंद करें।
जनरल बाक़ेरी ने कहा कि यदि यह स्थिति जारी रही तो आतंकियों के ठिकाने पर वह जहां कहीं भी होंगे कड़ा हमला किया जाएगा। (HN)