संयुक्त सीमा पर पाकिस्तान को गंभीरता से कार्यवाही करनी चाहिएः ईरान
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ईरान ने इस बात पर बल दिया है कि पाकिस्तान की सीमा से की जाने वाली गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May १०, २०१७ १०:१८ Asia/Kolkata
  • संयुक्त सीमा पर पाकिस्तान को गंभीरता से कार्यवाही करनी चाहिएः ईरान

ईरान ने इस बात पर बल दिया है कि पाकिस्तान की सीमा से की जाने वाली गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए।

ईरान की सेना के उप प्रमुख ने पाकिस्तान की सीमा से किये जाने वाले उस आक्रमण को कायराना बताया जिसमें आतंकवादियों ने ईरान के सीमा सुरक्षा बलों के 9 सदस्यों को शहीद कर दिया था।  अहमद रज़ापूर दस्तान ने कहा कि यह कोई सफलता नहीं बल्कि पाकिस्तान की कमज़ोरी का परिचायक है।  उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय नियम के अनुसार हर देश की ज़िम्मेदारी है कि वह अपनी सीमा पर नज़र रखते हुए वहां पर आतंकवादी गतिविधियां न होने दे।

उन्होंने 26 अप्रैल को किये जाने वाले इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस मामले में यदि पाकिस्तान की सरकार गंभीर नहीं है तो फिर सीमा पर आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने का हमें पूरा अधिकार है। इससे पहले ईरान के सेना प्रमुख ने बल देकर कहा था कि ईरान और पाकिस्तान की सीमा पर इस प्रकार की गतिविधियां, तेहरान के लिए किसी भी स्थिति में स्वीकार योग्य नहीं हैं।  मुहम्मद बाक़ेरी ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी सीमाओं पर नियंत्रण रखते हुए वहां पर सक्रिय आतंकवादियों को गिरफ़्तार करके वहां पर मौजूद उनके कैंपों को नष्ट करना चाहिए।

स्पष्ट सी बात है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान में आतंकवादी गुटों के साथ कड़ाई से निबटने का साहस और क्षमता मौजूद है।  ईरान के अधिकारियों ने विभिन्न भेंटवार्ताओं में पाकिस्तान के अधिकारियों से कहा है कि अपनी सीमा के भीतर से ईरान में होने वाले आक्रमणों को वे रोकने का प्रयास करें।  ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने अपनी हालिया पाकिस्तान यात्रा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भेंट में इस बात पर बल दिया था कि इस्लामाबाद को चाहिए कि गंभीरता के साथ आतंकवाद विरोधी अभियान को अपनाकर  वह संयुक्त सीमा पर घटने वाली आतंकवादी गतिविधियों को समाप्त करे।  ईरान और पाकिस्तान की संयुक्त सीमाएं बहुत लंबी हैं और इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति में दोनो देशों के संबन्धों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि 26 अप्रैल को आतंकवादियों ने पाकिस्तान की सीमा से प्रविष्ट होकर ईरान के सीमा सुरक्षाबलों के 9 सदस्यों को शहीद कर दिया और घायल होने वाले एक सैनिक को वे उठाकर पाकिस्तान की सीमा में ले गए।