रियाज़ में अरब-अमरीका बैठक, ज़ायोनी षड्यंत्र हैः विदेश मंत्रालय
ईरान के विदेश मंत्रालय ने रियाज़ में अरब-अमरीका बैठक में भाग लेने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति की सऊदी अरब यात्रा की ओर संकेत करते हुए इस बैठक के आयोजन को एक ज़ायोनी षड्यंत्र बताया है।
बहराम क़ासेमी ने सोमवार को एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि रियाज़ की अरब-अमरीका बैठक एक ज़ायोनी षड्यंत्र है और सऊदी अरब, ज़ायोनी शासन के साथ अपने संबंधों के दृष्टिगत इस बैठक को दूसरा नाम देना चाहता है ताकि इन संबंधों पर पर्दा डाल सके। ज्ञात रहे कि सऊदी नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने कुछ समय पहले 17 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को पत्र भेज कर उन्हें रियाज़ यात्रा और अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प से मुलाक़ात के लिए आमंत्रित किया है। ट्रम्प 23 मई को सऊदी अरब जाएंगे।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि आंतरिक समस्याओं, यमन पर हमले और संसार से अलग-थलग पड़ने जैसी बातों ने सऊदी अरब को अरब-अमरीका बैठक के आयोजन के लिए उकसाया है, कहा कि क्षेत्र में अपनी हालिया कार्यवाहियों के दृष्टिगत रियाज़ ने कोशिश की है कि इस तरह की बैठक के माध्यम से उसके द्वारा आतंकवाद के फैलाव की चर्चा को भी कम कर दे। बहराम क़ासेमी ने अमरीकियों को भी सचेत किया कि ग़लती न करें और पुरानी ग़लतियों को न दोहराएं क्योंकि इसका परिणाम ख़ुद उन्हें भुगतना पड़ेगा। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान हमेशा से शांति स्थापना और आतंकवाद से संघर्ष का इच्छुक रहा है, कहा कि जो लोग आतंकवाद से संघर्ष का दावा करते हैं उन्हें ईरान की नीति अपनानी चाहिए ताकि अपनी सच्चाई साबित कर सकें। (HN)