चुनाव में जनता की भरपूर उपस्थिति, व्यवस्था के शक्तिशाली होने की दलील
शुक्रवान 19 मई को ईरान में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में जनता की भारी उपस्थिति ने पुनः इतिहास रचा है।
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की उच्च परिषद के सचिव अली शमख़ानी ने डाक्टर हसन रूहानी के पुनः राष्ट्रपति चुने जाने पर अपने बधाई संदेश में कहा है कि हालिया चुनावों में ईरानी जनता की भारी उपस्थिति ने इस्लामी गणतंत्र ईरान की शक्ति का पुनः प्रदर्शन किया है। अली शमख़ानी ने कहा कि इस उपस्थिति ने ईरान की शासन व्यवस्था के स्तंभों को पहले से अधिक मज़बूत किया है।
डाक्टर अली अकबर विलायती ने भी मतदान के दौरान जनता की भव्य उपस्थिति को शत्रुओं के लिए मुंहतोड़ जवाब बताया है। उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण कारक, चुनाव सहित विभिन्न मोर्चों पर जनता की उपस्थिति है। विभिन्न मोर्चों पर जनता की निरंतर उपस्थिति, इस्लामी गणतंत्र ईरान की व्यवस्था की गतिशीलता के साथ ही जनता और व्यवस्था के बीच अटूट संबन्धों की भी परिचायक है। ईरानी जनता ने इस बार भी चुनावों में भारी संख्या में उपस्थित होकर शासन के प्रति अपने विश्वास को व्यक्त किया है।
राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि किसी भी राष्ट्र की एकता और एकजुटता, परस्पर सहयोग से अस्तित्व में आती है जो चुनाव जैसे अवसरों पर सार्वजनिक रूप में दिखाई देती है। ईरान की जनता ने 19 मई को अपने राष्ट्रीय और धार्मिक दायित्व का निर्वाह करते हुए मतदान के रूप में एेसा प्रदर्शन किया जो हमेशा याद किया जाएगा। सत्तर प्रतिशत से अधिक की संख्या में भाग लेकर ईरानी जनता ने बता दिया कि वह अपने दायित्व के प्रति कितनी जागरूक है। हालिया चुनावों में जनता की 70 प्रतिशत से अधिक भागीदारी के दृष्टिगत बहुत से राजनैतिक विशलेषकों का मानना है कि इसने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ईरान की शक्ति को प्रदर्शित किया है।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई के कथनानुसार चुनाव में जनता की भव्य उपस्थिति, इस्लामी लोकतंत्र की मज़बूती और इसके प्रति जनता के अथाह लगाव को दर्शाती है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस भारी उपस्थिति के दृष्टिगत शत्रु ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं कर सकता।