अमरीका, ईरान से झूठी उम्मीद न रखेः सैन्य कमान्डर
ईरान की सशस्त्र सेना के वरिष्ठ प्रवक्ता मेजर जनरल मसऊद जज़ाएरी का कहना है कि ईरान के राष्ट्रपति से अमरीकी विदेशमंत्री की अपेक्षाएं, ईरान से अमरीकी अधिकारियों की अनभिज्ञता और नादानी का चिन्ह है।
अमरीका के विदेशमंत्री रेक्स टेलरसन ने पिछले शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में डाक्टर हसन रूहानी की विजय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें सलाह दी थी कि लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के बारे में ईरान के दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करें और मीज़ाइल परीक्षण को रोक दे।
यह बयान एेसी स्थिति में सामने आया है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के रियाज़ के दौरे के दौरान, दोनों देशों के बीच 110 अरब डाॅलर के समझौते सहित कई व्यापारिक और सैन्य समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। दुनिया के अधिकतर देशों का यह मानना है कि सऊदी अरब, दुनिया में आतंकवाद के मुख्य निर्यातक के रूप में आतंकवादी गुटों का सबसे बड़ा समर्थक है।
मेजर जनरल मसऊद जज़ाएरी ने रविवार को अमरीकी विदेशमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र का प्रतिरोध, अतीत की तुलना में अपनी सबसे बेहतरीन स्थिति में है और सैन्य व आतंकवादी कार्यवाहियों से अच्छे ढंग से निपट रहा है।
श्री जज़ाएरी ने बल दिया कि क्षेत्र में शांति और स्थितरता का एक मात्र मार्ग, क्षेत्र से अमरीका का निकलना तथा क्षेत्र में अमरीका पर निर्भर और रूढ़ीवादी सरकारों को स्वतंत्र देशों के विरुद्ध आतंकवादी कार्यवाहियों और हमले रोकना है।
ईरान की सशस्त्र सेना के वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि ईरान की नीतियां और प्रतिरोधक क्षमताएं स्पष्ट हैं और वर्तमान स्थिति को देखते हुए मीज़ाइल प्रतिरोध क्षमताओं में वृद्धि सहित प्रतिरोधक क्षमताओं में वृद्धि को प्राथमिकता प्राप्त है। (AK)