आले ख़लीफ़ा शासन ने बहरैन को जेल में बदल दियाः आयतुल्लाह ख़ातेमी
आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने कहा है कि आले ख़लीफ़ा शासन ने अपनी तानाशाही नीतियों से बहरैन को एक बड़ी जेल में परिवर्तित कर दिया है।
तेहरान में जुमे के ख़ुत्बे में आयतुल्लाह ख़ातेमी ने बहरैन के वरिष्ठ धर्मगुरू शेख ईसा क़ासिम के घर पर इस देश के सुरक्षाबलों के हमले की निंदा करते हुए कहा कि आले ख़लीफ़ा शासन ने दमनकारी और क्रूर नीतियां अपनाकर इस देश के एक जेल में बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि अमरीका और सऊदी अरब के खुले समर्थन से आले ख़लीफ़ा शासन, बहरैनवासियों के विरुद्ध अभूतपूर्व ढंग से अत्याचार कर रहा है। आयतुल्लाह ख़ातेमी ने कहा कि बहरैनी जनता का प्रतिरोध इस शासन को ले डूबेगा।
आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने इसी प्रकार सऊदी अरब के सुरक्षाबलों द्वारा इस देश के शिया बाहुल्य क्षेत्र पर हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने यदि ईरान के विरुद्ध कोई भी ग़लती की तो उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। आयतुल्लाह ख़ातेमी ने रेयाज़ में सऊदी और अमरीकी अधिकारियों की भेंटवार्ता की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीका पर निर्भर शासको का वही हाल होगा जो सद्दाम का हुआ था।
उन्होंने मैनचेस्टर हमले की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवादी हमला जहां कहीं भी हो वह निंदनीय है। आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने कहा कि दाइश जैसे आतंकवादी गुट को जन्म देने वाले आज स्वयं ही उसकी आतंकवादी कार्यवाहियाों की भेंट चढ़ रहे हैं।
आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने अपने ख़ुत्बे के एक भाग में ईरान में हालिया दिनों में संपन्न होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में जनता की भारी उपस्थिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनाव में 73 प्रतिशन मतदान, ईरान के धार्मिक लोकतंत्र का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जनता की यही उपस्थिति, देश के विकास का कारण है।