मुहम्मद बिन सलमान एक ग़ुब्बारा, सुई का वार ही काफ़ी है,
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i43334-मुहम्मद_बिन_सलमान_एक_ग़ुब्बारा_सुई_का_वार_ही_काफ़ी_है
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमख़ानी ने कहा कि ईरान और सऊदी अरब के मतभेद हल हो सकते हैं लेकिन सऊदी अरब के कुछ युवा अधिकारी तर्कहीन रवैया अपनाए हुए हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun ०८, २०१७ १५:१४ Asia/Kolkata
  • मुहम्मद बिन सलमान एक ग़ुब्बारा, सुई का वार ही काफ़ी है,

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमख़ानी ने कहा कि ईरान और सऊदी अरब के मतभेद हल हो सकते हैं लेकिन सऊदी अरब के कुछ युवा अधिकारी तर्कहीन रवैया अपनाए हुए हैं।

 अली शमख़ानी ने कहा कि मुहम्मद बिन सलमान हवा भरे ग़ुब्बारे की भांति हैं जो एक सूई लगन से पिचक जाता है।

अली शमख़ानी ने कहा कि दाइश इस समय क्षेत्र के कुछ देशों के लिए दूसरे देशों के विरुद्ध प्रयोग का हथियार बन गया है। उन्होंने कहा कि तकफ़ीरी विचारधारा ही दाइश का आधार है और इस विचारधारा का केन्द्र सऊदी अरब है। अली शमख़ानी ने कहा कि वहाबी विचारधारा, तेल का पैसा तथा सऊदी अरब की नीतियों से क्षुब्ध लोग आतंकवाद के उत्पादक त्रिकोण का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब आतंकियों का पैसा सरकार से भी मिलता है और इस देश में निजी रूप से काम करने वाले संगठनों की ओर से भी दिया जाता है।

अली शमख़ानी ने कहा कि मुहम्मद बिन सलमान ने लड़ाई ईरान के भीतर ले जाने की बात कही थी इसके कुछ ही दिन बाद ईरान पाकिस्तान सीमा पर आतंकी हमले में कई सीमा सुरक्षा कर्मी मारे गए। इसी तरह अहवाज़ में भी कुछ घटनाएं हुईं। अहवाज़ में हमले करके भाग जाने वाले आतंकियों को हमने देश की सीमा से बाहर निकल जाने के बाद गिरफ़तार किया और उन्होंने स्वीकार किया कि सऊदी अरब से पैसा लेकर उन्होंने आतंकी हमला किया था।

अली शमख़ानी ने कहा कि हमने पाकिस्तानी इंटेलीजेन्स से भी बात की है और उनसे कहा है कि सऊदी अरब के हस्तक्षेप को रोकें, पाकिस्तान हमसे सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब से हमारे मतभेद हल हो सकते हैं लेकिन कुछ सऊदी युवा अधिकारी तर्कहीन रवैया अपनाए हुए हैं।