आतंकवाद से संघर्ष में ईरान हमेशा आगे रहाः रूहानी
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि ईरान इस्लामी क्रांति की सफलता के आरंभ से ही आतंकवाद की समस्या का जूझ रहा है और हज़ारों लोगों का बलिदान देने के अतिरिक्त हमेशा से ही आतंकवाद से संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर रहा है।
राष्ट्रपति रूहानी ने मंगलवार की शाम सांस्कृतिक क्रांति की सर्वोच्च परिषद की बैठक में तेहरान मं सात जून को होने वाले आतंकी हमलों की ओर संकेत करते हुए कहा कि ईरान एेसी हालत में आतंकवाद से संघर्ष की अग्रिम पंक्ति में रहा कि उन शक्तियों और देशों ने जो विदित रूप से स्वयं को मानवाधिकारों का समर्थक बताते हैं,हमेशा से आतंकवादियों को शरण दिया है और उनका समर्थन करते रहे हैं।
राष्ट्रपति ने यह बयान करते हुए कि देश की ख़ुफ़िया एजेन्सियों और सुरक्षा बलों के व्यापक प्रयासों से बहुत से आतंकवादी पकड़े गये और उनकी योजनाओं पर पानी फिर गया, कहा कि कुछ पिट्ठु आतंकवादियों द्वारा निहत्थे लोगों को ख़ून में नहलाना, कायरतापूर्ण कार्यवाही थी और यह अपराधियों को नष्ट करने के लिए जनता के पूरी तरह से तैयार होने की भूमिका होगी।
उनका कहना था कि हर प्रकार की आतंकवादी कार्यवाही का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। राष्ट्रपति ने कहा कि क्षेत्रीय राष्ट्रों के मज़बूत होने से आतंकवादी गुट पतन की कगार पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने शबे क़द्र के महत्व की ओर संकेत करते हुए कहा कि हज़रत अली अलैहिस्सलाम के बारे में बहुत सी हदीसें और क़ुरआने मजीद की आएते उतरी हैं। उनका कहना था कि पैग़म्बरे इस्लाम ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम को सत्य का मापदंड बताया है। (AK)