पश्चिमी मानवाधिकार सफेद झूठः काज़िम सिद्दीक़ी
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी का कहना है कि पश्चिम का मानवाधिकार सफेद झूठ है।
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने तेहरान में जुमे की नमाज़ के दौरान अपने ख़ुत्बे में कहा कि पश्चिमी मानवािधकार ने आले सऊद और आले ख़लीफ़ा के अत्याचारों के संबन्ध में मौन धारण कर रखा है। उन्होंने अमरीका की ओर से सऊदी अरब और बहरैन के खुले समर्थन की ओर संकेत करते हुए कहा कि ट्रम्प की ओर से हरी झड़ी मिलने के कारण आले सऊद और आले ख़लीफ़ा शासन, सऊदी अरब तथा बहरैन की जनता का अत्याचारपूर्ण ढंग से दमन कर रहे हैं।
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा कि मानवाधिकारों का समर्थन करने वालों के मौन के कारण ही बहरैन, यमन और सऊदी अरब की जनता का दमन किया जा रहा है। अपने संबोधन के एक अन्य भाग में उन्होंने कहा कि आज़रबाइजान गणराज्य की सरकार इस देश की जनता को क़ुरआनी शिक्षाओं और अज़ादारी से दूर रख रही है। उन्होंने नाइजीरिया के इस्लामी आन्दोलन के प्रमुख शेख़ इब्राहीम ज़कज़की की नज़रबंदी की ओर संकेत करते हुए कहा कि नाइजीरिया की सरकार को शेख ज़कज़की की गिरफ़्तारी के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने ईरान की न्यायपालिका के अधिकारियों से मांग की है कि पूरे विश्व में मुसलमानों पर किये जा रहे अत्याचारों को विश्व स्तर पर उठाए।
ज्ञात रहे कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने पिछले सप्ताह सोमवार को ईरान की न्यायपालिका के अधिकारियों से भेंट में बल देकर कहा था कि न्यायपालिका को चाहिए कि वह अन्तर्राष्ट्रीय घटनाओं पर अपने दृष्टिकोण स्पष्ट करके उसे पेश करे।