सात साल का ईरानी बच्चा, व्हीलचेयर पर बना दुल्हा!
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ईरान के ख़ुज़िस्तान प्रांत में कैंसर से ग्रस्त सात साल के एक बच्चे को बड़े हर्षो व उल्लास के साथ व्हीलचेयर पर दुल्हे के कपड़े में बिठाया गया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २१, २०१७ ०८:११ Asia/Kolkata
  • सात साल का ईरानी बच्चा, व्हीलचेयर पर बना दुल्हा!

ईरान के ख़ुज़िस्तान प्रांत में कैंसर से ग्रस्त सात साल के एक बच्चे को बड़े हर्षो व उल्लास के साथ व्हीलचेयर पर दुल्हे के कपड़े में बिठाया गया।

यह विशेष कार्यक्रम अहवाज़ के एक होटल में आयोजित हुआ। सालेह नाम का सात साल का ईरानी बच्चा काफी समय से कैंसर से ग्रस्त है और इस समय उसका उपचार अहवाज़ के बक़ाई नाम के अस्पताल में हो रहा है।

वह लगभग दो सप्ताह पहले अपने दादा के साथ किमी थ्रैपी के लिए अहवाज़ आया है परंतु उसका दादा अस्पताल में उसके साथ नहीं रह सकता इसी कारण बेनाम महिला सहायता कर्मियों का एक गुट 24 घंटे अस्पताल में उसकी देखभाल करता था।

इस गुट की एक महिला हुदा रशीदी ने सालेह के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करवाया। वह इस बारे में कहती है” सालेह ने बेनाम सहायता करने वाले महिला गुट की एक सदस्या से कई दिन पहले कहा था कि उसके जीवन की सबसे बड़ी आकांक्षा दुल्हा बनना और स्वयं को दुल्हे के जोड़े में देखना है।

उन्होंने कहा कि उपचार के दौरान यह बच्चा बहुत अधिक पीड़ाओं को सहन करता था और यही चीज़ इस बात का कारण बनी कि हमने उसकी आकांक्षा को पूरा किये जाने को प्राथमिकता दी। वह आगे कहती हैं” मैं इस कार्यक्रम को जल्द से जल्द आयोजित करना चाहती थी इसी कारण हमने अहवाज़ इस्काई चैनल से सहायता ली और हमने सार्वजनिक निमंत्रण दिया जिसका नगर वासियों ने बहुत स्वागत किया और सालेह को लाल रंग के कपड़े में दुल्हा बनाने की तैयारी हो गयी।

जश्न का दिन आ गया। मेहमान, छोटे दामाद के आने की प्रतीक्षा में थे परंतु दुल्हे के आने में देर हो गयी। विदित रूप से उस दिन भी सालेह की बीमारी ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। अंततः सात साल के छोटे दामाद को व्हीलचेयर पर बैठाकर लाया गया। यह दृश्य देखकर मेहमान रो रहे थे।

साथ ही बख्तियारी संगीत से विशेष समा उत्पन्न हो गया था। सालेह को कार्यक्रम की समाप्ति पर दोबारा अस्पताल में भर्ती कर दिया गया और वह दिल से हंस रहा था और उसकी पीड़ा थोड़ा कम हो गयी थी।

रशीदी आगे कहती हैं कि अगले कुछ दिनों में उसकी हालत बहुत अच्छी हो गयी और अब उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। वह कहती हैं कि सालेह से पहले 199 बच्चों की हार्दिक इच्छायें पूरी की जा चुकी हैं और जिन बच्चों की मनोकामनाएं पूरी की गयी हैं उनमें से 15 पूरी तरह ठीक हो गये हैं।  MM