बैतुलमुक़द्दस के मुजाहिदों के समर्थन में संकोच नहीं करेगें, आईआरजीसी
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इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी ने एक बयान जारी करके मस्जिदुल अक़सा पर इस्राईल के हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि फिलिस्तीन की नयी पीढ़ी का नया आंदोलन, ज़ायोनियों और उनके क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय समर्थकों के लिए बुरा सपना बन चुका है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २४, २०१७ २१:०९ Asia/Kolkata
  • बैतुलमुक़द्दस के मुजाहिदों के समर्थन में संकोच नहीं करेगें, आईआरजीसी

इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी ने एक बयान जारी करके मस्जिदुल अक़सा पर इस्राईल के हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि फिलिस्तीन की नयी पीढ़ी का नया आंदोलन, ज़ायोनियों और उनके क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय समर्थकों के लिए बुरा सपना बन चुका है।

आईआरजीसी के बयान के एक भाग में कहा गया है कि मस्जिदुल अक़सा पर ज़ायोनियों का हमला, नये इन्तेफाज़ा आंदोलन से ज़ायोनियों के भय को दर्शाता है। 

बयान में कहा गया है कि मस्जिदुल अक्सा में नमाज़ियों पर हमले से ज़ायोनियों के हाथ कुछ आने वाला नहीं है और बैतुलमुक़द्दस के यहदूीकरण की योजना बुरी तरह से नाकाम होगी। 

बयान में कहा गया है कि इस्राईल के अत्याचारों  पर  खामोश रहने वाले इस्लामी देशों और मानवाधिकारों की रक्षा का दावा करने वाले संगठनों को इस का परिणाम भुगतना होगा। 

 आईआरजीसी के बयान में कहा गया है कि अब वह नक़्शा जिस में इ्सराईल को " नील नदी से फुरात नदी तक " दिखाया गया था फिलिस्तीनियों के संघर्ष और क्षेत्रीय जनता की चेतना की वजह से  इतिहास के कूड़ेदान में फेंका जा चुका है और अब उसके उलट, इस्राईल और उसके समर्थक, " नील से फुरात " तक बल्कि पूरी दुनिया में ज़ायोनी शासन के खिलाफ संघर्ष देख रहे हैं। 

बयान में ज़ोर देकर कहा गया है कि ईरानी जनता इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक इमाम खुमैनी की वसीयत और सिफारिश तथा वरिष्ठ नेता इमाम खामेनई के मार्गदर्शन व रणनीति के तहत फिलिस्तीनी  मुद्दे को इसलामी जगत के सर्वाधिक वरीयता प्राप्त मुद्दे के रूप में बाकी रखेगी और इस्लामी राष्ट्र ने क्षेत्र में प्राॅक्सी वाॅर और आतंकवादी हमलों के बावजूद फिलिस्तीन के मुद्दे को एक क्षण के लिए भी भुलाया नहीं है। 

बयान में फिलिस्तीन में जारी नये जनान्दोलन का उल्लेख किया गया है और कहा गया है कि इस नये आंदोलन से इस्राईल को मज़बूत बनाने और बैतुलमुक़द्दस के यहूदीकरण का ख्वाब टूट चुका है और फिलिस्तीन पर क़ब्ज़े के सात दशकों बाद पश्चिमी तट के लोगों के भी जनान्दोलन से जुड़ने की वजह से हालात फिलिस्तीनियों के हित में बदल रहे हैं। 

बयान में कहा गया है कि " इस्लामी क्रांति संरक्षक बल " आईआरजीसी  फिलिस्तीनी आंदोलन के मुख्य समर्थक के रूप में " बैतुलमुक़द्दस की राह के जियालों" की प्रशंसा करता है और यह एेलान करता है कि वह इन लोगों की सहायता में तनिक भी संकोच नहीं करेगा।(Q.A.)