इस्लामी जगत में प्रतिरोध के मोर्चे की सफलता
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इस्लामी जगत में प्रतिरोध के मोर्चे की सफलता
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २७, २०१७ १३:१८ Asia/Kolkata

इस्लामी जगत में प्रतिरोध के मोर्चे की सफलता

स्ट्रैटिजिक दृष्टि से अहम पश्चिम एशिया क्षेत्र में प्रतिरोध के मोर्चे की जारी ऐतिहासिक सफलताओं के बीच लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मोहम्मद रअद की अध्यक्षता में तेहरान में संसद सभापति अली लारीजानी सहित ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात की।

इस प्रतिनिधिमंडल ने ईरानी अधिकारियों के साथ मुलाक़ात में लेबनान से यमन तक प्रतिरोध के मोर्चे के क्षेत्रीय व स्वेदशी तत्व के रूप में प्रभाव के बारे में मुख्य रूप से चर्चा की।

लेबनान का इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन राजनैतिक और सैन्य क्षेत्र में भी अच्छी तरह चमका है और आज हिज़्बुल्लाह के सार्थक योगदान को ख़ुद उसके मुखर विरोधी भी मान रहे हैं। लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध ने इन दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों ख़ास तौर पर जरूद अर्साल क्षेत्र में आतंकियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में लेबनान के दूसरे तंत्रों के साथ समन्वय बनाए रखा और एकपक्षीय रूप से कोई काम नहीं किया। जरूद अर्साल क्षेत्र को आज़ाद कराने में हिज़्बुल्लाह का लेबनानी सेना के साथ सहयोग यह दर्शाता है कि हिज़्बुल्लाह की नज़र में वतनपरस्ती और एकता कितनी अहमियत रखती है।

हिज़्बुल्लाह के मुखर विरोधी और लेबनानी ताक़त नामक बदल के प्रमुख समीर जअजअ ने भी मंगलवार को कहा कि जरूद अर्साल में लेबनान के हिज़्बुल्लाह के सफल ऑप्रेशन से इस देश की भूमि की रक्षा हुयी है।

हिज़्बुल्लाह की सफलता पश्चिम एशिया में प्रतिरोध के मोर्चे की सफलता का क्रम है जो फ़िलिस्तीन, सीरिया, इराक़ और यमन में प्रतिरोध के मोर्चे को ईरान की ओर से सहयोग व सैद्धांतिक समर्थन से इस्लामी जगत में नगीने के तरह चमका है। प्रतिरोध के मोर्चे ने क्षेत्र के स्वाधीन व इस्लामी देशों की भौगोलिक सीमाओं को बदलने की दुश्मन की साज़िश को नाकाम बना दिया है। यही वजह है कि ज़ायोनी और अमरीकी अधिकारी प्रतिरोध के निरस्त्रीकरण की बात करते हैं। इन दिनों क़ुद्स में ज़ायोनियों की हताशा और सीरिया तथा लेबनान की दक्षिणी व पूर्वी सीमाओं पर हिज़्बुल्लाह की शक्ति का प्रदर्शन, मूसिल में दाइश की हार और यमन में अतिक्रमणकारी सऊदी अरब के फंस जाने से पश्चिम एशिया के रजानैतिक मामलों में प्रतिरोध के मोर्चे की उपयोगिता साबित होती है और यह उपयोगिता मोहम्मद रअद के शब्दों में क्षेत्र में प्रतिरोध के मोर्चे को ईरान के समर्थन की देन है। (MAQ/T)