ईरानोफ़ोबिया के निकले उल्टे परिणाम
ईरान के विरुद्ध दुष्प्रचार करते हुए अमरीकियों में ईरान के प्रति भय उत्पन्न करने में अमरीका को विफलता का मुंह देखना पड़ा है।
लंबे समय से अमरीकी अधिकारी, ईरानोफ़ोबिया के माध्मय से अमरीकियों के भीतर ईरान से भय पैदा कराने के प्रयास कर रहे थे किंतु उनके यह प्रयास विफल रहे। यह बात एक सर्वेक्षण से पता चली है।
मार्निंग कंसल्ट नामक सर्वेक्षण संस्था की ओर से कराए जाने वाले सर्वेक्षणों से पता चलता है कि मात्र 3 प्रतिशत अमरीकी, ईरान को अपने देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा समझते हैं। अधिकांश अमरीकियों का मानना है कि देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा उत्तरी कोरिया है, ईरान नहीं।
सर्वेक्षण के परिणाम बताते हैं कि कम से कम 40 प्रतिशत अमरीकी, उत्तरी कोरिया को गंभीर ख़तरे के रूप में देखते हैं। 30 प्रतिशत अमरीकी, दाइश को अपने लिए ख़तरा समझते हैं जबकि 16 प्रतिशत अमरीकियों का मानना है कि रूस भी उनके लिए ख़तरा हो सकता है। इस बीच मात्र 3 प्रतिशत लोगों ने ईरान को सुरक्षा के लिए ख़तरा माना है।
इतना होने के बावजूद अमरीकी राष्ट्रपति अपने संबोधनों में आए दिन ईरान को ख़तरे के रूप में पेश करते रहते हैं।