ईरानी दूतावास में दिखे फ़िलिस्तीनी संगठन हमास के कमांडर, बौखला गया इस्राईल
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अगर इस्लामी गणतंत्र ईरान के अधिकारियों से फ़िलिस्तीनी संगठन हमास के नेताओं की मुलाक़ात होती है तो आजकल यह कोई अचरज की बात नहीं है विशेषकर इसलिए कि आंतरिक चुनाव के नतीजे में उच्च नेतृत्व में बदलाव हुए हैं और इसमाईल हनीया हमास के राजनैतिक विभाग के प्रमुख बन गए हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug ०३, २०१७ १४:१२ Asia/Kolkata
  • ईरानी दूतावास में दिखे फ़िलिस्तीनी संगठन हमास के कमांडर, बौखला गया इस्राईल

अगर इस्लामी गणतंत्र ईरान के अधिकारियों से फ़िलिस्तीनी संगठन हमास के नेताओं की मुलाक़ात होती है तो आजकल यह कोई अचरज की बात नहीं है विशेषकर इसलिए कि आंतरिक चुनाव के नतीजे में उच्च नेतृत्व में बदलाव हुए हैं और इसमाईल हनीया हमास के राजनैतिक विभाग के प्रमुख बन गए हैं।

लेबनान के अलमयादीन टीवी चैनल ने एक ख़बर प्रसारित की कि बैरूत में ईरान के दूतावास में हमास के एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ ईरानी अधिकारी अमीर हुसैन अब्दुल्लाहियान से मुलाक़ात की। इसके साथ ही एक चित्र भी प्रकाशित हुआ जिसमें हमास के वरिष्ठ नेता सालेह आरूरी भी नज़र आए।

यह पहला अवसर है कि जब श्री आरूरी इस्राईल के दबाव में तुर्की छोड़ने के बाद लेबनान में दिखाई दिए हैं। इस्राईल ने तुर्की से संबंधों की बहाली के लिए शर्त लगाई थी कि अंकारा सरकार आरूरी को अपने यहां से बाहर निकाले।

आरूरी को पश्चिमी तट के क्षेत्र में हमास की सैनिक शाखा के प्रभावशाली कमांडरों में गिना जाता है। उन्होंने इस्राईल की जेलों में 15 साल गुज़ारे हैं, इस्राईल का आरोप है कि उन्होंने चरमपंथी यहूदियों के हाथों 17 साल के मुहम्मद अबू ख़ज़ीर नामक फ़िलिस्तीनी युवा को ज़िंदा जला दिए जाने के प्रतिशोध में तीन चरमपंथी यहूदियों का अपहरण किया और उनकी हत्या कर दी। इसी हत्या के बहाने इस्रईल ने वर्ष 2014 में ग़ज़्ज़ा पट्टी  के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ दिया था। यह अटकलें थीं कि श्री आरूरी तुर्की छोड़ने के बाद क़तर चले गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि हमास के सैनिक विभाग के वरिष्ठ कमांडर रह चुके आरूरी से ईरान के अधिकारियों की मुलाक़ात अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्र में जारी प्रतिरोध को बढ़ावा देने के संबंध में ईरान और हमास के सहयोग का चिन्ह है।

अलमयादीन टीवी चैनल के अनुसार आरूरी ने ईरान के अधिकारी से अपनी इस मुलाक़ात में बहुत विस्तार से फ़िलिस्तीन के हालात बयान किए और विशेष रूप से बैतुल मुक़द्दस शहर और मस्जिदुल अक़सा की परिस्थितियों की ब्रीफ़िंग दी।

तेहरान में फ़िलिस्तीन के इंतेफ़ाज़ा आंदोलन के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने कहा था कि ईरान फ़िलिस्तीनी जनता का पूरी ताक़त से समर्थन करता रहेगा और इंतेफ़ाज़ा आंदोलन को पश्चिमी तट और बैतुल मुक़द्दस में ले जाने वाले उपायों को बढ़ावा देगा।

फ़िलिस्तीनी सूत्र यह भी बता रहे हैं कि हमास के प्रमख इसमाईल हनीया कुछ देशों की यात्रा करने वाले हैं जिनमें उनका महत्वपूर्ण पड़ा ईरान होगा।

आरूरी का बैरूत में ईरान के दूतावास में नज़र आना इस्राईल के लिए गंभीर चिंता की बात है। इस्राईल का आरोप है कि बैतुल मुक़द्दस में हालिया इंतेफ़ाज़ा आंदोलन और प्रदर्शनों के पीछे ईरान का हाथ था।

साभार रायुल यौम