इराक़ी कुर्दिस्तान के बारे में ईरान की नीति
इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र में जनमत संग्रह के आयोजन के लिए बारेज़ानी परिवार की ओर से बल दिए जाने के बीच, इराक़ी धर्मगुरुओं व बुद्धिजीवियों और इराक़ के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि ने तेहरान में इराक़ के हालात के बारे में ईरानी अधिकारियों से विचार विमर्श किया।
तेहरान में इराक़ी धर्मगुरुओं व बुद्धिजीवियों के साथ मुलाक़ात में वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई के सलाहकार अली अकबर विलायती ने बल दिया कि ईरान पूरे वजूद से इराक़ की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेगा और वह इराक़ के किसी भाग के इराक़ से अलग होने के ख़िलाफ़ है।
इराक़ के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दूत यान कोबीश ने ईरानी संसद सभापति के विशेष सहायक हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान से मुलाक़ात में इराक़ में स्थिरता व सुरक्षा के बारे में बातचीत की।
ईरान इराक़ में सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमेशा बल देता आया है। ईरान की अपने पड़ोसी व क्षेत्रीय देशों के संबंध में नीति इन देशों की संपूर्ण स्वाधीनता की रक्षा करना है और वह किसी भी प्रकार के विघटन के ख़िलाफ़ है। इराक़ के संबंध में भी उसकी यही नीति पूरी तरह स्पष्ट है। जिस वक़्त इराक़ की सुरक्षा दाइश के अतिग्रहण से ख़तरे में पड़ी तो ईरान फ़ौरन अपने दोस्त बग़दाद और अर्बील की मदद के लिए निकला। सुरक्षा के विषय पर जितनी उसकी क्षमता थी उसी के अनुसार उसने इराक़ियों की मदद की और दाइश को अर्बील और बग़दाद के तक पहुंचने से रोका। मूसिल में दाइश के विनाश के बाद भी इराक़ की एकता व अखंडता की रक्षा भी ईरान की नीति है।
बारेज़ानी परिवार की ओर से जनमत संग्रह पर बल दिए जाने के बावजूद राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मसऊद बारेज़ानी की इस इच्छा का विरोध तेज़ होता जा रहा है। कुर्दों की भावना से खिलवाड़ के ज़रिए मसऊद बारेज़ानी अपने व्यक्तिगत हित नहीं साध पाएंगे क्योंकि कुर्द समुदाय का बड़ा भाग बारेज़ानी की जनमत संग्रह के आयोजन की व्यक्तिगत इच्छा के ख़िलाफ़ है। इसी संदर्भ में इराक़ी कुर्दिस्तान में जनमत संग्रह के आयोजन के ख़िलाफ़ एक नया आंदोलन शुरु हुआ है। इस आंदोलन के प्रवक्ता राबून मअरूफ़ के शब्दों में इस जनमत संग्रह से कुर्दों का कुछ भला नहीं होगा। (MAQ/T)