पश्चिम के दुनिया पर वर्चस्व का दौर ख़त्म हो चुका है, ईरान
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ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि परमाणु समझौता जेसीपीओए अमरीका पर विश्वास का नतीजा नहीं बल्कि बातचीत के पहले दिन से समझौते के लागू होने के मार्ग तक यह अमरीकी नीतियों पर गहरे अविश्वास को दर्शाता है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug १६, २०१७ १३:२२ Asia/Kolkata
  • पश्चिम के दुनिया पर वर्चस्व का दौर ख़त्म हो चुका है, ईरान

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि परमाणु समझौता जेसीपीओए अमरीका पर विश्वास का नतीजा नहीं बल्कि बातचीत के पहले दिन से समझौते के लागू होने के मार्ग तक यह अमरीकी नीतियों पर गहरे अविश्वास को दर्शाता है।

मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने बुधवार को संसद में राष्ट्रपति रूहानी के नए मंत्रीमंडल के मंत्रियों की योग्यता की समीक्षा के लिए आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि अमरीका की पिछली सरकारें वर्षों तक धमकी व पाबंदियों के बाद बातचीत की मेज़ पर आयीं और अब अमरीका जेसीपीओए के सदस्य के नाते अपनी प्रतिबद्धताओं को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता क्योंकि ऐसी नीति उसके अलग थलग पड़ने का कारण बनेगी।

उन्होंने इसी प्रकार कहा कि पश्चिम के दुनिया पर वर्चस्व का दौर ख़त्म हो चुका और पश्चिम के बाद के दौर में दुनिया की राजनीति सिर्फ़ कुछ शक्तियों के हाथ में सीमित नहीं रह सकती।

ईरानी विदेश मंत्री ने ज़ायोनियों की क्षेत्र सहित दुनिया में ईरानोफ़ोबिया और शिया फ़ोबिया का माहौल पैदा करने की कोशिश की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमरीका में आए बदलाव को क्षेत्र में तनाव व संकट पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है लेकिन यह नीति पूरी तरह ग़लत आकलन पर निर्भर है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रमुख ने चरमपंथ और आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए क्षेत्र में एक मोर्चे और क्षेत्रीय संगठनों की स्थापना की कोशिश को ईरान की विदेश नीति का अहम काम बताया। उन्होंने कहा कि ज़ायोनी शासन से मुक़ाबले के लिए इस्लामी जगत से सहयोग और फ़िलिस्तीन के विषय को इस्लामी जगत के मुख्य विषय के रूप में प्राथमिकता दिलाना ईरान की क्षेत्रीय एकता का मूल मंत्र होगा।

ईरानी विदेश मंत्री ने बल दिया कि ईरानी जनता ने बलिदान व प्रतिरोध से क्षेत्र में स्थिर व आधुनिक व्यवस्था क़ायम की और ईरान क्षेत्र में ऐसा देश बन गया जिसकी सुरक्षा देश की जनता और भीतरी तत्व पर निर्भर है। (MAQ/N)