सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, ईरान की रक्षा रणनीति हैः जनरल सलामी
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i49837-सीमावर्ती_क्षेत्रों_की_सुरक्षा_ईरान_की_रक्षा_रणनीति_हैः_जनरल_सलामी
इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान आईआरजीसी के कमान्डर ने कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता प्राप्त है और यह ईरान की स्थाई रक्षा रणनीति है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Sep २४, २०१७ २०:३८ Asia/Kolkata
  • सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, ईरान की रक्षा रणनीति हैः जनरल सलामी

इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान आईआरजीसी के कमान्डर ने कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता प्राप्त है और यह ईरान की स्थाई रक्षा रणनीति है।

इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार आईआरजीसी के वरिष्ठ कमान्डर जनरल हुसैन सलामी ने देश के पश्चिमोत्तरी क्षेत्र में मुहर्रम नामक सैन्य अभ्यास के अवसर पर कहा कि एेसी परिस्थिति में कि जब पड़ोसी देश अशांति और संकट का केन्द्र बने हुए हैं और क्षेत्र में अमरीका, ब्रिटेन और उसके घटक कुछ शासन जैसी वर्चस्ववादी शक्तियां, दुनिया की भौगोलिक स्थिति को बदलने की चेष्टा में हैं तो ईरान की रक्षा रणनीति में सुरक्षा का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है।

आईआरजीसी के कमान्डर ने यह बयान करते हुए कि विश्व की वर्चस्ववादी शक्तियां और उसके घटक दुनिया का जियोपालिटिक नक़्शा बदलने के प्रयास में हैं, कहा कि ईरान सुरक्षा की स्थापना करके विशेषकर सीमाओं को सुरक्षित करके व्यवहारिक रूप से दुश्मनों को पछाड़ देगा और अपनी प्रतिरक्षा का प्रदर्शन भी करेगा।

जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि सशस्त्र सेना का मुहर्रम सुरक्षा नामक सैन्य अभ्यास और अन्य सैन्य अभ्यास, ईरान के लिए शांति और सुरक्षा का संदेश लिए होता है जबकि दुश्मनों को निराशा ही हाथ लगती है।

ज्ञात रहे कि मुहर्रम सुरक्षा नामक सैन्य अभ्यास रविवार से ईरान के पश्चिमोत्तरी सार्वजनिक क्षेत्र में रविवार की सुबह आरंभ हुई जिसमें सेना का पैदल दस्ता, टैंक यूनिट, इलेक्ट्रानिक वाॅर यूनिट, वायु और मीज़ाइल यूनिट भाग ले रही हैं। (AK)