आतंकवाद हर रूप में निंदनीय हैः ईरान
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ग़ुलाम अली ख़ुशरो ने कहा है कि गुट निरपेक्ष आन्दोलन, आतंकवाद के हर रूप की निंदा करता है।  
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct ०३, २०१७ ११:५१ Asia/Kolkata
  • आतंकवाद हर रूप में निंदनीय हैः ईरान

ग़ुलाम अली ख़ुशरो ने कहा है कि गुट निरपेक्ष आन्दोलन, आतंकवाद के हर रूप की निंदा करता है।  

ग़ुलाम अली ख़ुशरो ने कहा है कि गुट निरपेक्ष आन्दोलन, आतंकवाद के हर रूप की निंदा करता है।  उनका कहना था कि यह संगठन, आतंकवाद को अन्तर्राष्ट्रीय और मानवीय नियमों का उल्लंघनकर्ता मानता है।  संयुक्त राष्ट्रसंघ में ईरान के प्रतिनिधि ग़ुलाम अली ख़ुशरो ने यह बात राष्ट्रसंघ की महासभा की एक बैठक में गुट निरपेक्ष आन्दोलन का प्रतिनिधत्व करते हुए कही।  उन्होंने कहा कि गुट निरपेक्ष आन्दोलन यह अन्तर्राष्ट्रीय संगठन आतंकवाद के बहाने अपने सदस्य देशों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्यवाही की भर्त्सना करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष को आवश्यक मानता है।

ग़ुलाम अली ख़ुशरो ने कहा कि विश्व की समस्त सरकारें, आतंकवाद का मुक़बाला करने के लिए आगे आएं और आतंकवादियों को गिरफ़्तार करने या उनको प्रत्यर्रित करने जैसे काम करें।  उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को दूसरे देश में की जाने वाली आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन नहीं करना चाहिए।  उनका कहना था कि हालांकि कई अमरीकी अधिकारी यह बात स्वीकार कर चुके हैं कि दाइश जैसे आतंकवादी गुट को अस्तित्व देने में अमरीकी सरकार का हाथ रहा है।

राष्ट्रसंघ में ईरान के प्रतिनिधि ने कहा कि अमरीका को चाहिए कि वह ईरान पर आतंकवाद का समर्थन करने जैसे घिसेपिटे दावों को दोहराने के बजाए, मध्यपूर्व के अपने घटकों से आतंकवादी गुटों की आर्थिक और सैनिक सहायता करवना बंद कराए।  एेसे बहुत से उदाहरण पाए जाते हैं कि आतंकवाद के बारे मे अमरीका, दोहरे मानदंड अपना रहा है।  उदाहरण स्वरूप सऊदी अरब और इस्राईल जैसों को हथियारों की सप्लाई जो आतंकवाद के समर्थन कहे जाते हैं।  इन विघटनकारियों के क्रियाकलापों के परिणामों को सीरिया, यमन, इराक़ और अफ़ग़ानिस्तना जैसे देशों में देखा जा सकता है जहां पर हज़ारों निर्दोष लोग आतंकवादी कार्यवाहियों का शिकार हुए हैं।

खेद की बात यह है कि आतंकवाद से मुक़ाबले के बहाने विश्व में विभिन्न कोनों में की जाने वाली कार्यवाहियां, इसी दोहरे मानदंड का परिणाम हैं जिसके नतीजे में न जाने कितने बेगुनाह लोग काल के गाल मे समा रहे हैं।