आईआरजीसी पर प्रतिबंध युद्ध की घोषणा के समान हैः सालेही
ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख ने आईआरजीसी पर संभावित प्रतिबंध को ईरानी राष्ट्र के संबंध में अमरीका के शत्रुतापूर्ण रवैये की एक निशानी बताते हुए कहा है कि हर देश की सेना और सुरक्षा बल उसकी सुरक्षा के ज़िम्मेदार होते हैं अतः हम अमरीका के इस क़दम को एेलाने जंग समझेंगे।
अली अकबर सालेही ने लंदन में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए परमाणु समझौते के समर्थन में यूरोपीय देशों और गुट पांच धन एक के अन्य सदस्यों के रुख़ और इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते के उल्लंघन के संबंध में उनके द्वारा अमरीकी राष्ट्रपति की नीतियों के विरोध को अहम बताया। सालेही ने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, जेसीपीओए के बारे में अमरीकी सरकार के रवैये के अनुसार ही ज़रूरी क़दम उठाएगी।
उन्होंने अमरीकी की ओर से संभावित रूप से इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी को अमरीकी विदेश मंत्रालय की आतंकी गुटों की सूची में शामिल करने और इस पर ईरान की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में अली अकबर सालेही ने कहा कि अगर यह क़दम व्यवहारिक हुआ तो ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ अमरीकी सरकार के शत्रुतापूर्ण रवैये का चिन्ह होगा और ईरान इसे अपने ख़िलाफ़ एेलाने जंग समझेगा। ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख ने इस बैठक में इसी तरह ईरान की राजनैतिक व क्षेत्रीय नीतियों के बारे में पूछे गए सवालों के भी जवाब दिए। (HN)