क्या है अमरीका के आईआरजीसी से क्रोध का कारण?
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ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडयिर जनरल अमीर हातमी ने इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल आईआरजीसी के ख़िलाफ़ अमरीकी सरकार की हालिया धमकी के जवाब में गुरुवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि आईआरजीसी, सेना और अन्य फ़ोर्सेज़ एकजुट रूप में अमरीका की शत्रुतापूर्ण नीतियों के ख़िलाफ़ डटी हुयी हैं और वे इस बात की इजाज़त नहीं देंगी कि अमरीका छद्म युद्ध और आतंकवाद में विस्तार के ज़रिए क्षेत्र की सुरक्षा को ख़तरे में डाले।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct १३, २०१७ १३:२८ Asia/Kolkata

ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडयिर जनरल अमीर हातमी ने इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल आईआरजीसी के ख़िलाफ़ अमरीकी सरकार की हालिया धमकी के जवाब में गुरुवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि आईआरजीसी, सेना और अन्य फ़ोर्सेज़ एकजुट रूप में अमरीका की शत्रुतापूर्ण नीतियों के ख़िलाफ़ डटी हुयी हैं और वे इस बात की इजाज़त नहीं देंगी कि अमरीका छद्म युद्ध और आतंकवाद में विस्तार के ज़रिए क्षेत्र की सुरक्षा को ख़तरे में डाले।

आईआरजीसी से अमरीका की दुश्मनी को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम पहले इस बिन्दु को समझें कि आईआरजीसी का इस्लामी गणतंत्र ईरान में क्या स्थान है। आईआरजीसी वह जनाधारित संगठन है जिसके कांधे पर इस्लामी क्रान्ति की आकांक्षाओं की रक्षा और इस क्रान्ति के दुश्मनों की साज़िशों को नाकाम बनाना है। यह संगठन इस्लामी क्रान्ति के सिद्धांतों की रक्षा के लिए इमाम ख़ुमैनी के सुझाव से गठित हुआ और पिछले लगभग चार दशकों से इस संगठन ने इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था को विभिन्न क्षेत्रों में दिन प्रतिदिन मज़बूत करने में बहुत ही अहम योगदान दिया है। इस्लामी क्रान्ति के दुश्मनों ने इस क्रान्ति को नुक़सान पहुंचाने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक साज़िश तय्यार कर रखी है। इस्लामी व्यवस्था को ख़त्म करना दुश्मनों की दीर्घकालिक साज़िश का हिस्सा है लेकिन यह साज़िश आईआरजीसी जैसे महत्वपूर्ण स्तंभ की मौजूदगी के सबब अब तक नाकाम रही और रहेगी और यही विषय अमरीका के क्रोधित होने का कारण है।

इसके अलावा एक और कारण जिसकी वजह से अमरीका ईरान से क्रोधित है वह यह कि आईआरजीसी ने इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर सीमापार ख़तरों को भलिभांति चिन्हित कर उन्हें ख़त्म किया है। सीरिया में छद्म युद्ध का मुख्य लक्ष्य इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था का मुक़ाबला करना है लेकिन अमरीका और ज़ायोनी शासन द्वारा समर्थित किराए के आतंकियों के ख़िलाफ़ जंग के मैदान में आईआरजीसी की प्रभावी मौजूदगी ने अमरीका और उसके घटकों के लक्ष्य पर पानी फेर दिया है। (MAQ/T)