मानवाधिकार की ईरान विरोधी रिपोर्ट, जासूसों के सहारे बनाई गयी है
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख ने ईरान के मानवाधिकार के विशेष रिपोर्टर की रिपोर्ट की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में ईरान के विरुद्ध वही घिसे पिटे और निराधार दावे और बातें शामिल की गयी हैं जो ईरान के दुश्मन और क्रांति विरोधी तत्व की ज़बानों से सुना गया है।
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख आयतुल्लाह सादिक़ आमुली लारीजानी ने सोमवार को न्यायपालिका के अधिकारियों के साथ एक बैठक में कहा कि ईरान के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष रिपोर्टर की रिपोर्ट में उन लोगों की बातों और बयानों को शामिल किया गया है और उनसे सहारा लिया गया है जिन पर जासूसी के आरोप में मुक़द्दमा चलाया गया, सज़ाए दी गयीं और उन आतंकवादियों के बयानों को शामिल किया गया जिन्होंने इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था के विरुद्ध षड्यंत्र किए और जनता की हत्या की।
ज्ञात रहे कि ईरान के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष रिपोर्टर अस्मा जहांगीर ने वर्ष 2017 की अपनी छमाही रिपोर्ट में ईरान में क़ेसास के क़ानून के क्रियान्वयन की निंदा करते हुए तेहरान पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया था।
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख ने इसी प्रकार मानवाधिकार के बारे में पश्चिम के दोहरे मापदंड की ओर संकेत करते हुए कहा कि ईरान के विरुद्ध एेसी स्थिति में मानवाधिकार के हनन का आरोप लगाया जा रहा है कि बच्चों के हत्यारों सऊदी अरब और ज़ायोनी शासन के पाश्विक व्यवहार की निंदा के लिए पेश किए जाने वाले प्रस्ताव को पश्चिमी देशों के माध्यम से पास होने से रोक दिया जाता है। (AK)