यमन पर हमले का लक्ष्य उसका विभाजन हैः आईआरजीसी के कमांडर
आईआरजीसी के कमांडर ने कहा है कि सऊदी अरब, अमरीका व ज़ायोनी शासन झूठे दावों के माध्यम से यमन पर अपने हमले का औचित्य पेश करने की कोशिश में हैं।
ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद अली जाफ़री ने यमन के अलमसीरा टीवी से बात करते हुए कहा कि अमरीका, सऊदी अरब और ज़ायोनी शासन, यमन और क्षेत्र में ईरान द्वारा अपनी पैठ बनाने के प्रयास के झूठे दावे के साथ चाहते हैं कि यमनपर अपने अतिक्रमण का औचित्य दर्शाएं। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और इस्राईल के इस दावे से कि ईरान, यमन के संकट के समाधान में रुकावट है, क्षेत्र के लोग पूरी तरह अवगत हैं और जानते हैं कि क्षेत्र में अमरीका, सऊदी अरब और ज़ायोनी शासन के अतिक्रमण का जवाब देने का एकमात्र मार्ग प्रतिरोध है।
आईआरजीसी के कमांडर ने कहा है कि सऊदी अरब में स्थित पवित्र स्थल कभी भी यमनी जनता का लक्ष्य नहीं रहे हैं और आले सऊद इस तरह के दावे सिर्फ़ मुस्लिम जगत का समर्थन प्राप्त करने और अपने आपको अत्याचारग्रस्त दिखाने के लिए करता है। ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद अली जाफ़री ने कहा कि यमन पर हमले का एकमात्र लक्ष्य, इस देश की रणनैतिक स्थिति और संपत्ति को अपने क़ब्ज़े में लेना और यमन को तबाह करके उसका विभाजन करना है। (HN)