साद हरीरी ने जल्दबाज़ी में त्यागपत्र दे दिया
अंतर्राष्ट्रीय मामलों में ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी के संसद सभापति डाक्टर अली लारीजानी के सलाहकार अमीर हुसैन अब्दुल्लाहियान ने लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी के पद से त्यागपत्र को जल्दबाज़ी भरा क़दम क़रार दिया है।
लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी ने शनिवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ में अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने त्यागपत्र देने के बाद दावा किया कि लेबनान का वर्तमान वातावरण वर्ष 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की हत्या के काल से बहुत मिलता जुलता है।
उन्होंने दावा किया कि मैंने यह एहसास किया कि मेरी भी हत्या कर देंगे, इसीलिए मैंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
अंतर्राष्ट्रीय मामलों में ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी के संसद सभापति डाक्टर अली लारीजानी के सलाहकार अमीर हुसैन अब्दुल्लाहियान ने कहा कि ईरान की इच्छा है कि लेबनान में एकता रहे और सऊदी अरब, अमरीका और इस्राईल के षड्यंत्रों को विफल बनाया जाए।
उन्होंने अलआलम टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि सऊदी अरब से साद हरीरी का त्यागपत्र आश्चर्यजनक है और यह कार्यवाही आतंकवादी गुट दाइश की पराजय, क्षेत्रीय देशों के विभाजन के षड्यंत्र की विफलता और वाशिंग्टन व तेल अवीव के षड्यंत्रों की विफलता की परिधि में है।
श्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने कहा कि ईरान और लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के विरुद्ध अमरीकी कांग्रेस का निर्णय, अमरीका और उसके घटकों की दाइश के माध्यम से अपने षड्यंत्रों की विफलता से निराशा का परिणाम है।
उन्होंने साद हरीरी के त्यागपत्र को लेबनान में राजनैतिक शून्य पैदा करने का कारण बताया और कहा कि यह त्यागपत्र ज़ायोनी शासन के हित में है। (AK)