क्षेत्र में सैन्य कार्यवाही का कोई परिणाम नहीं निकलेगाः विदेशमंत्री
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इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने मंगलवार को ईरान प्रेस के संवाददाता से विशेष बातचीत में लेबनान के प्रधानमंत्री के पद से त्याग पत्र दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सभी साक्षों से पता चलता है कि लेबनान में इस त्यागपत्र का कोई कारण मौजूद नहीं था।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov ०७, २०१७ १९:३५ Asia/Kolkata
  • क्षेत्र में सैन्य कार्यवाही का कोई परिणाम नहीं निकलेगाः विदेशमंत्री

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने मंगलवार को ईरान प्रेस के संवाददाता से विशेष बातचीत में लेबनान के प्रधानमंत्री के पद से त्याग पत्र दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सभी साक्षों से पता चलता है कि लेबनान में इस त्यागपत्र का कोई कारण मौजूद नहीं था।

लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी ने शनिवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ में अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने त्यागपत्र देने के बाद दावा किया कि लेबनान का वर्तमान वातावरण वर्ष 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की हत्या के काल से बहुत मिलता जुलता है।

उन्होंने दावा किया कि मैंने यह एहसास किया कि मेरी भी हत्या कर देंगे, इसीलिए मैंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र देने के बाद ईरान पर लेबनान सहित क्षेत्रीय अरब देशों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया और दावा किया कि लेबनान का हिज़्बुल्लाह, क्षेत्र में ईरान की विंग है।

विदेशमंत्री ने कहा कि साद हरीरी द्वारा पद से त्याग पत्र देने के कारण का पता लगाने के लिए हम को उनकी स्वदेश वापसी और इस बारे में उनके द्वारा दिए जाने वाले बयान की प्रतीक्षा करनी होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि लेबनान की जनता, सरकार, संसद और राष्ट्रपति देश में शांति और स्थिरता के मार्ग में संयुक्त प्रयास करेंगे।

श्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि लेबनान में राष्ट्रपति की नियुक्ति और सरकार गठन, देश  में शांति की स्थापना के मार्ग में एक महत्वपूर्ण क़दम था। उन्होंने कहा कि खेद की बात यह है कि क्षेत्र के कुछ देश क्षेत्रीय में स्थिरता को सहन नहीं कर पाते।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री ने इसी प्रकार रूस और ब्रिटेन के विदेशमंत्रियों के साथ अपनी टेलीफ़ोनी वार्ताओं की ओर संकेत करते हुए कहा कि इन वार्ताओं में क्षेत्र की ख़तरनाक स्थिति विशेषकर अंतर्राष्ट्रीय अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र के विरुद्ध तथा वास्तविकताओं से परे सऊदी अधिकारियों के बयानों पर चर्चा की गयी।

 विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान का सदैव यह माना है कि राजनैतिक समाधान के लिए प्रयास करने चाहिए और क्षेत्र में सैन्य कार्यवाही का कोई भी परिणाम निकलने वाला नहीं है। (AK)