सऊदी, लेबनान को अशांत करना चाहते हैंः आयतुल्लाह ख़ातमी
आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने कहा है कि सऊदी, लेबनान को अशांत और अस्थिर करना चाहते हैं।
आयतुल्लाह ख़ातमी ने तेहरान में जुमे के ख़ुत्मे में कहा कि रेयाज़ से सअद हरीरी के त्यागपत्र की घोषणा, लेबनान के आंतरिक मामलों में सऊदी अरब के खुले आंतरिक हस्तक्षेप का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सऊदी चाहते हैं कि लेबनान में अशांति और अस्थिरता रहे। उन्होंने कहा कि इराक़, सीरिया और यमन में किये जाने वाले अत्याचारों में सऊदी अरब की भूमिका स्पष्ट रही है। आयतुल्लाह ख़ातमी ने कहा कि पहले से लिखे गए त्यागपत्र को सअद हरीरी के माध्यम से दिलवाने का मुख्य लक्ष्य, लेबनान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना है।
तेहरान के इमामे जुमा ने सऊदी अरब हालिया परिवर्तनों को ड्रामा बताते हुए कहा कि सऊदी युवराज मुहम्मद बिन सलमान द्वारा ईरान को दी गई धमकी को यदि व्यवहारिक बनाया जाता है तो ईरानी राष्ट्र इसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
उन्होंने क्षेत्र में नया इस्राईल बनाने के षडयंत्र की विफलता की ओर संकेत करते हुए कहा कि इराक़ के कुर्दिस्तान के अधिकारियों को पहले के विफल अनुभव को नहीं दोहराना चाहिए। उन्होंने कहा कि भलाई इसी में है कि इराक़ के कुर्दिस्तान वाले इराक़ की केन्द्रीय सरकार के साथ सहयोग करें।
आयतुल्लाह ख़ातमी ने हालिया दिनों में इराक़ और सीरिया में आतंकवादियों को मिलने वाली लज्जाजनक परायज की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह एेसी स्थिति में है कि जब अमरीका, तथाकथित आतंकवाद विरोधी अभियान की आड़ में दाइश को सुरक्षित रखने के पूरे प्रयास कर रहा है।
आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहलुम के अवसर पर करबला तक लाखों लोगों की पैदल यात्रा के सफल आयोजन के कारण इराक़ी राष्ट्र और सरकार दोनों ही बधाई के पात्र हैं।