ईरान के मीज़ाइल कार्यक्रम पर बात नहीं हो सकतीः विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात पर बल देते हुए कि प्रतिरक्षा मीज़ाइल कार्यक्रम चलाना ईरान का अधिकार है, कहा है कि इन मामलों पर किसी भी स्थिति में बात नहीं हो सकती।
बहराम क़ासेमी ने फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी से बात चीत में, फ़्रान्स के राष्ट्रपति के उस बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए जिसमें उन्होंने ईरान के मीज़ाइल कार्यक्रम के बारे में वार्ता की मांग की थी, कहा कि फ़्रान्स के अधिकारियों को अपनी बातों में समस्याओं की अधिक गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए क्योंकि निश्चित रूप से इस्लामी गणतंत्र ईरान अपने रक्षा व प्रक्षेपास्त्रिक मामलों में वार्ता नहीं करेगा।
फ़्रान्स के राष्ट्रपति एमेनुएल मैक्राॅं ने हाल ही में वाॅशिंग्टन की हां में हां मिलाते हुए प्रस्ताव दिया था कि ईरान व गुट पांच धन एक के बीच हुए परमाणु समझौते को ईरान के मीज़ाइल कार्यक्रम पर वार्ता करके संपूर्ण किया जाए। ईरान के अधिकारी कई बार इस बात पर बल दे चुके हैं कि मीज़ाइल कार्यक्रम समेत देश के रक्षा कार्यक्रम इस्लामी गणतंत्र ईरान की रेड लाइन हैं और ये कार्यक्रम देश की रक्षा और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा व स्थिरता में सहायता के लिए हैं। (HN)