निकी हेली की लफ़्फ़ाज़ी, क्षेत्र की सच्चाई को उलटा दिखाने की कोशिश
संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीकी प्रतिनिधि निकी हेली ने गुरुवार को न्यूयॉर्क में यूएन के मुख्यालय में पत्रकारों के बीच ऐसी स्थिति में यह दावा किया कि ईरान यमन को मीज़ाईल भेज रहा है जब अमरीकी कॉन्ग्रेस में परमाणु समझौते जेसीपीओए की समीक्षा का वक़्त ख़त्म हो रहा और साथ ही क़ुद्स के बारे में अमरीकी राष्ट्रपति के एलान पर विश्व जनमत क्रोधित है।
इसके अलावा निकी हेली के इस दावे का लक्ष्य अमरीकी हथियारों से यमन में बच्चों और औरतों के हो रहे जनसंहार की ओर से जनमत का ध्यान भी हटाना है।
ट्रम्प सरकार ने ईरान के ख़िलाफ़ अपनी गतिविधियों को ज़ायोनियों और सऊदियों के बीच बांट लिया है। इस गतिविधि में ईरान के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार भी शामिल है। अमरीका जेसीपीओए और क्षेत्र के हालात में ईरान के प्रभाव के नाम पर ईरान के ख़िलाफ़ क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गठजोड़ बनाने का ख़तरनाक खेल खेल रहा है। अमरीका क्षेत्र के मामले में यह दर्शाने की कोशिश कर रहा है ईरान का उसके विचार में क्षेत्र में विध्वसंक रोल है और इस बीच वह ज़ायोनियों और सऊदियों की मदद से क्षेत्र की सच्चाई को उलटा दिखाने की कोशिश कर रहा है। ईरान के मीज़ाईल कार्यक्रम को ख़तरा दर्शाना और अरब देशों के मामलों में ईरान के हस्तक्षेप का दावा करना वास्तव में बच्चों के दो हत्यारे शासन ज़ायोनी और सऊदी शासन के अपराधों को छिपाना है।
अमरीका ऐसी हालत में ईरान पर यमन के लिए मीज़ाईल भेजने का इल्ज़ाम लगा रहा है कि सऊदी शासन 2015 से अमरीकी हथियारों को यमन की निर्दोष जनता के ख़िलाफ़ टेस्ट कर रहा है। सऊदी अरब की अगुवाई वाला गठबंधन लगभग तीन साल से हर दिन अमरीकी हथियारों से यमनी बच्चों और औरतों का जनसंहार कर रहा है। इस संदर्भ में दो फ़्रांसीसी महिला पत्रकारों का, जो पहली बार भेस बदल कर यमन गयी थीं, यह रहस्योद्घाटन बहुत कुछ कहता है कि यमन की पीड़ित जनता पर सऊदी शासन जो बम गिरा रहा है वह अमरीका में निर्मित प्रतिबंधित क्लस्टर बम हैं।
यह विषय और क़ुद्स के ख़िलाफ़ अमरीकी सरकार की साज़िश सहित दूसरे विषय पश्चिम एशिया की मौजूदा सच्चाई को दर्शाते हैं। ये ऐसी सच्चाई है जिसमें अमरीका का सीधे तौर पर हाथ है। ऐसे हालात में यूएन में अमरीकी प्रतिनिधि की ईरान के ख़िलाफ़ लफ़्फ़ाज़ी, इन सच्चाइयों की ओर से विश्व जनमत के ध्यान को हटाने के लिए है। (MAQ/T)