तेहरान, पश्चिमी एशिया की चुनौतियों के समाधान का केन्द्र
तेहरान में 49 देशों की भागीदारी से पश्चिमी एशिया की चुनौतियों के समाधान के उद्देश्य से एक सम्मेलन आरंभ हुआ है।
ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार को दूसरा, "तेहरान सुरक्षा सम्मेलन" शुरू हुआ। इस सम्मेलन में मध्यपूर्व की सुरक्षा और क्षेत्र के सामने मौजूद नई चुनौतियों के विषय की समीक्षा की जाएगी। इस सम्मेलन में मध्यपूर्व की सुरक्षा में ईरान की भूमिका, क्षेत्र के आर्थिक विकास में ईरान और अन्य देशों की भूमिका तथा क्षेत्रीय सुरक्षा में प्रतिरोधी मोर्चे की भूमिका जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
पश्चिम एशिया संसार का एेसा क्षेत्र है जहां पर आए दिन संकट जन्म लेते रहते हैं। यहां के कुछ संकट एेसे हैं जो दशकों पुराने हो चुके हैं। पश्चिम एशिया को चुनौतियों का क्षेत्र भी कहा जा सकता है जिनमे तीन महत्वपूर्ण हैं क्षेत्रीय सुरक्षा, कूटनीति और अर्थव्यवस्था। पश्चिमी एशिया की सुरक्षा चुनौती का मुख्य कारण इस क्षेत्र में अमरीका और नैटो का हस्तक्षेप है। क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान की सबसे बड़ी बाधा, इस भावना का न होना है कि हम क्षेत्र की सुरक्षा स्वयं कर सकते हैं। हालांकि इराक़ और सीरिया में दाइश से मुक़ाबले में पता चला की क्षेत्रीय लोग भी बहुत कुछ कर सकते हैं। आतंकवाद से मुक़ाबले में ईरान, सीरिया, इराक़ और रूस ने यह सिद्ध कर दिया कि क्षेत्रीय देश मिलकर बहुत से संकटों का समाधान कर सकते हैं।
इस संदर्भ में ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का कहना है कि क्षेत्र में अमरीका, ज़ायोनी शासन और कुछ रूढ़ीवादी शासकों के सहयोग से उत्पन्न किये गए षडयंत्रों को ईरान के सहयोग से विफल बना दिया गया जिसमें से एक, क्षेत्र से दाइश का विनाश है। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि इस काम से इस भावना को बल मिलता है कि हम कर सकते हैं। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का बयान यह सिद्ध करता है कि क्षेत्रीय स्तर पर यदि यह भावना मज़बूत कर दी जाए कि, "हम कर सकते हैं" तो इसके माध्यम से बहुत सी क्षेत्रीय चुनौतियों का डटकर मुक़ाबला करके उन्हें समाप्त किया जा सकता है।