“हक़ीक़त छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से”
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फेक न्यूज़ से होशियार, क्योंकि फेक न्यूज़ बहुत तेज़ी से दुनिया में सच्ची न्यूज़ की जगह ले रही है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ११, २०१८ १३:०९ Asia/Kolkata

फेक न्यूज़ से होशियार, क्योंकि फेक न्यूज़ बहुत तेज़ी से दुनिया में सच्ची न्यूज़ की जगह ले रही है।

दुनिया में जितनी तेज़ी से सोशल मीडिया ने अपनी जगह बनाई है उतनी ही तेज़ी से फेक न्यूज़ ने भी अपनी जगह बनाई है। इसका मुख्य कारण यह है कि आज दुनिया के बड़े-बड़े न्यूज़ चैनल्स, समाचार पत्र और न्यूज़ वेब-साइट्स कुछ साम्रज्यवादी शक्तियों और व्यवासायिक घरानों के चंगुल में फंस कर रह गए हैं।

ईरान में हाल ही में हुए मंहगाई के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों में कुछ उप्रदवियों द्वारा की गई हिंसक गतिविधियों के बाद दुनिया भर में ईरान दुश्मन शक्तियां अपने-अपने संचार माध्यमों पर ऐसी ही फेक न्यूज़ के साथ पूरी तरह सक्रिय हो गईं थीं। दुनिया भर के समाचार चैनलों, सोशल मीडिया पर मौजूद न्यूज़ वेब-साइटों और समाचार पत्रों ने ऐसी ही कई फेक न्यूज़ का सहारा लिया, ताकि दुनिया के सामने ईरान की छवि को नुक़सान पहुंचा सकें।

कहते हैं ना कि “हक़ीक़त छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से”

                             “कि ख़ुश्बू आ नहीं सकती कभी काग़ज़ के फूलों से”

सारी कोशिशों के बाद जब पश्चिमी और अरब मीडिया यह सोचकर ख़ुशियां मना रहा था कि उनकी रणनीति कामयाब हो गई और उसने झूठ का सहारा लेकर ईरान की छवि को दुनिया की नज़र में धूमिल कर दिया है, तो ऐसे समय में स्वयं उन्हीं के अपने दर्शकों और पाठकों ने यह लिखना शुरू कर दिया कि “आप की न्यूज़ फेक है”। (RZ)