इलाक़े की सारी अमरीकी छावनियों को तबाह कर सकते हैं,  जनरल सलामी
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 आईआरजीसी के डिप्टी कमांडर जनरल सलामी ने कहा कि आज हम यहीं ईरान से इलाके में मौजूद तमाम अमरीकी छावनियों को तबाह कर सकते हैं और ज़ायोनियों के लिए नर्क बना सकते हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १०, २०१८ १५:१६ Asia/Kolkata
  • इलाक़े की सारी अमरीकी छावनियों को तबाह कर सकते हैं,  जनरल सलामी

 आईआरजीसी के डिप्टी कमांडर जनरल सलामी ने कहा कि आज हम यहीं ईरान से इलाके में मौजूद तमाम अमरीकी छावनियों को तबाह कर सकते हैं और ज़ायोनियों के लिए नर्क बना सकते हैं।

जनरल हुसैन सलामी ने शनिवार की शाम इस्लामी क्रांति की सफलता की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम में विदेशी मेहमानों के बीच भाषण देते हुए कहा कि ईरान की इस्लामी क्रांति ने मुसलमानों के नये युग का आरंभ किया।

उन्होंने कहा कि ज़ायोनी शासन को इस्लामी जगत में अमरीका और ब्रिटेन की इच्छा से बनाया गया और उन्होंने इस्लामी जगत को क़ब्रिस्तान बना दिया था, आप सब को पता है कि उस दौर में किस तरह से मुसलमानों का जनसंहार किया गया और किस तरह से अमरीका और ब्रिटेन की मदद से इस्राईल ने अरबों की संयुक्त सेना को पराजित किया किंतु ईरान की इस्लामी क्रांति ने पहले ही क़दम में अमरीका को चित कर दिया क्योंकि इस क्रांति ने ईरान के उस नरेश को भागने पर मजबूर दिया जिसने ईरान को एक अमरीकी राज्य बना दिया था।

आईआरजीसी के डिप्टी कमांडर जनरल सलामी

 

 जनरल सलामी ने कहा कि हमने अमरीकी दूतावास पर जो जासूसी का अड्डा बन चुका था क़ब्ज़ा किया, और अमरीकी जासूसों को 444 दिन बंदी बनाए रखा, अमरीकी ने अपने जासूसों की रिहाई के लिए स्पेशल आप्रेशन किया और तबस के मरुस्थल में अमरीकी विमान और हेलीकाप्टर राख बन गये, रेत का तूफान ईश्वरीय मदद थी, उस समय हमारे पास रक्षा शक्ति नहीं थी मगर जैसा कि इमाम खुमैनी ने कहा है, अमरीका हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

जनरल सलामी ने कहा कि उसके बाद हम पर 8 वर्षीय युद्ध थोप दिया गया और इस दौरान अमरीका और उसके क्षेत्रीय मित्रों ने सद्दाम की भरपूर मदद की लेकिन उस युद्ध से भी हम सिर ऊंचा किये बाहर निकले।

आठ वर्षीय युद्ध में ईरान के खिलाफ  कुछ तटस्थ देशों के अलावा लगभग पूरी दुनिया सद्दाम के साथ खड़ी थी 

 

उन्होंने कहा कि हमारी क्रांति के नेताओं ने हमें यह नारा सिखाया है " इस्राईल को मिट जाना चाहिए " वरिष्ठ नेता ने इस्राईल के अंत के लिए 25 वर्ष की अवधि की घोषणा की है और ईश्वर की कृपा से इस दौरान इस्राईल का अंत हो जाएगा।

      उन्होंने कहा कि  ईरान की इस्लामी क्रांति से पहले जब भी अरबों और इस्राईल का युद्ध हुआ , अरबों की हार हुई लेकिन ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद अमरीका और इस्राईल केवल हार का स्वाद चख रहे हैं और आज इस्राईल, अपनी सीमाओं पर मुसलमानों के सपूतों के नारे सुन रहा है।   

4 नवंबर 1979 को  जासूसी का अड्डा बन चुके अमरीकी दूतावास पर क़ब्ज़ा  

     जनरल सलामी ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान अपनी पूरी ताक़त के साथ इस्लामी राष्ट्रों की सेवा में है और हम इस्लामी राष्ट्र पर दूसरों के वर्चस्व की अनुमति नहीं देंगे और इस्लामी गणतंत्र ईरान अपनी पूरी ताक़त के साथ इस्लामी राष्ट्रों की सेवा में है ।

      जनरल सलामी ने कहा कि हम कठिन समय को पीछे छोड़ चुके हैं, अब दुश्मनों की बारी है, हम उनका हर जगह पीछा करेंगे जब तक कि उन्हें इस्लामी जगत से खदेड़ न दें। (Q.A.)