परमाणु समझौते में दोबारा वार्ता की संभावना नहीं हैः इराक़ची
अंतरराष्ट्रीय मामलों में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के सलाहकार ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के संबंध में वार्ता करने के अमेरिकी प्रयास की प्रतिक्रिया में कहा कि मिसाइल का निर्माण और उसके परिपूर्ण होने का कोई संबंध विदेशियों से नहीं है।
अमेरिका के विदेशमंत्री ने एक बार फिर कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते में मौजूद कमी को दूर करना चाहते हैं।
अमेरिकी विदेशमंत्री रेक्स टिलरसन के बयान की प्रतिक्रिया में ईरान के उपविदेशमंत्री सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा कि परमाणु समझौते में सुधार के लिए या उसमें कोई अनुच्छेद जोड़ने के लिए दोबारा वार्ता की संभावना नहीं है।
रूस के उपविदेशमंत्री सेरगेई रियाबकोफ़ ने भी कहा है कि मॉस्को का मानना है कि परमाणु समझौते में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होना चाहिये और इस मामले में हम ईरान के साथ हैं।
अमेरिकी विदेशमंत्री ने गुरूवार को लेबनान की राजधानी बैरूत में दावा किया था कि ईरान के बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर ध्यान दिया जाना चाहिये।
अमेरिका के विदेशमंत्री ने इसी प्रकार कहा था कि ईरान यथावत अपने बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को जारी रखे हुए है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के सलाहकार ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के संबंध में वार्ता करने के अमेरिकी प्रयास की प्रतिक्रिया में कहा कि मिसाइल का निर्माण और उसके परिपूर्ण होने का कोई संबंध विदेशियों से नहीं है।
अली अकबर विलायती ने कहा कि मिसाइल रक्षा का उपकरण है और हर देश अपनी जरूरतों के दृष्टिगत रक्षा संसाधनों का चयन करता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों में वरिष्ठ नेता के सलाहकार ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर अपनी रक्षा के लिए मिसाइल निर्माण के संबंध में अधिकांश देशों की भांति अमल कर रहा है। MM