ईरान का मिसाइल कार्यक्रम और पश्चिम की चालें
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i57859-ईरान_का_मिसाइल_कार्यक्रम_और_पश्चिम_की_चालें
अमरीकी विदेशमंत्री ने एक बार फिर परमाणु समझौते में सुधार की बात कही है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १६, २०१८ ११:३५ Asia/Kolkata
  • ईरान का मिसाइल कार्यक्रम और पश्चिम की चालें

अमरीकी विदेशमंत्री ने एक बार फिर परमाणु समझौते में सुधार की बात कही है।

रेक्स टेलरसन ने कहा है कि अमरीकी राष्ट्रपति, जेसीपीओए या परमाणु समझौते में कुछ बातें बढ़वाना चाहते हैं।  रेक्स टेलरसन ने अपनी मध्यपूर्व यात्रा के दौरान लेबनान की राजधानी बेरूत में जेसीपीओए में सुधार की बात कहते हुए कहा है कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम, हमारे दृष्टिगत है।  इससे पहले फ़्रास के राष्ट्रपति मैक्रां कह चुके हैं कि ईरान की मिसाइल क्षमता पर अन्तर्राष्ट्रीय निरीक्षण होना चाहिए।

अमरीका और फ़्रांस सहित कुछ योरोपीय देश, इस बात का प्रयास कर रहे हैं कि ईरान की क्षेत्रीय भूमिका और उसके परमाणु कार्यक्रम जैसे दो विषयों को जेसीपीओए में शामिल कर दिया जाए, हालांकि यह दोनों अलग-अलग विषय हैं।  इसपर ईरानी अधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं।  ईरान के अनुसार परमाणु समझौता अपने वर्तमान स्रवरूप में ही बाक़ी रहेगा और इसमें एक शब्द न तो बढ़ाया जाएगा और न ही घटाया जाएगा।

इन दो बाहर के विषयों को परमाणु समझौते में शामिल करने से अमरीका और फ्रांस का उद्देश्य, क्षेत्र में ईरान की सार्थक भूमिका को प्रभावित करना है।  अमरीकी हमेशा यह प्रयास करते रहते हैं कि ईरान के विरुद्ध निराधार दावे पेश करके पूरे पश्चिमी एशिया में ईरानोफ़ोबिया को जीवित रखा जाए।  इस मामले में फ़्रांस भी अमरीका का पिछलग्गू बन गया है।  जेसीपीओए को सुरक्षित रखने के बारे में ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे तीन योरोपीय देशों की घोषित नीति और उनके ओर से थोपी जाने वाली नीति में खुला विरोधाभास दिखाई देता है।

यहां पर जिस बात को विशेष महत्व प्राप्त है वह इस बारे में इस्लामी गणतंत्र ईरान की नीति है जिसकी कई बार घोषणा की जा चुकी है।  इस नीति के अन्तर्गत कहा जा चुका है कि इस बात की अनुमति नहीं दी जा सकती कि ईरान के मिसाइल और रक्षा से संबन्धित रहस्य, पश्चिम के हाथ लगें।  ईरान की क्षेत्रीय नीति, पड़ोंसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबन्धों और उनकी संप्रभुता के सम्मान पर आधारित है।  ईरान की इस नीति के अनुसार पड़ोसी देशों की सुरक्षा उसकी अपनी सुरक्षा जैसी है।  एेसे में ईरान की मिसाइल क्षमता किसी भी स्थति में क्षेत्रीय देशों के लिए ख़तरा नहीं है।