यमन के बारे में पश्चिम की नीतियां निंदनीयः ईरान
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इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने आले सऊद शासन के अतिग्रहण के मुक़ाबले में यमनी जनता के प्रतिरोध के चार वर्ष आरंभ होने के अवसर पर सऊदी अरब को अमरीकी हथियारों की बिक्री की कड़े शब्दों में आलोचना की।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Mar २७, २०१८ १०:५९ Asia/Kolkata
  • यमन के बारे में पश्चिम की नीतियां निंदनीयः ईरान

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने आले सऊद शासन के अतिग्रहण के मुक़ाबले में यमनी जनता के प्रतिरोध के चार वर्ष आरंभ होने के अवसर पर सऊदी अरब को अमरीकी हथियारों की बिक्री की कड़े शब्दों में आलोचना की।

हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने ट्वीट किया कि दूसरे दूसरों को दूहने के चक्कर में अपना ध्यान छोड़ देते हैं और दूसरे इसी में मस्त हैं कि उन्हें दूहा जा रहा है।

श्री जवाद ज़रीफ़ ने बल दिया कि यमनी नागरिक अपनी जानों का बलिदान देकर भी अपने प्रतिरोध को जारी रखे हुए हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि यमनी अभी तक पश्चिम की ओर से भुलाए जा रहे हैं। 

सऊदी अरब ने संयुक्त अरब इमारात, अमरीका, ब्रिटेन और फ़्रांस के भरपूर समर्थन से मार्च 2015 से यमन पर व्यापक हमले शुरु किए जिसके बाद से उसने इस देश का हवाई, ज़मीनी और समुद्री परिवेष्टन कर रखा है किन्तु यमनी जनता का प्रतिरोध एेसी हालत में तीसरे वर्ष में दाख़िल हो गया है कि सऊदी अरब अपने किसी भी लक्ष्य को यमन में प्राप्त नहीं कर सका है।

यमन के मानवाधिकार मंत्रालय ने बताया है कि कुपोषण के कारण लगभग ढाई लाख बच्चे मारे गए जबकि साढ़े सत्रह हज़ार बच्चे उपचार के लिए विदेश न जा पाने के कारण अपनी जान गंवा बैठे। यमन पर हमला करने वालों ने 600 मस्जिदों और 291 पर्यटन केंद्रों को पूरी तरह से तबाह कर दिया जबकि उनके हमलों में यमन के 393 एेतिहासिक व पुरातन केंद्रों को भारी क्षति पहुंची।

यमन के मानवाधिकार मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सऊदी अतिक्रमणकारियों ने 400 सरकारी व निजी संपर्क नेटवर्क्स, 420 बिजली केंद्रों, 450 पेट्रोल पम्पों और गैस स्टेशनों को पिछले तीन बरस में तबाह किया है। सऊदी अरब और उसके घटकों द्वारा यमन पर किए जा रहे हमलों के कारण इस देश के 25 लाख बच्चे स्कूल और काॅलेज नहीं जा पा रहे हैं। (AK)