ईरान का फ़्रांस को सुझाव नातजुर्बेकार ...के दावों से प्रभावित न हो
इस्लामी गणतंत्र ईरान ने फ़्रांस को सुझाव दिया है कि वह सऊदी अरब के नातजुर्बेकार व युद्धोन्मादी युवराज के दावों से प्रभावित न हो।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने गुरुवार को फ़्रांस-सऊदी अरब के संयुक्त बयान के एक भाग की प्रतिक्रिया में, कि जिसमें ईरान के ख़िलाफ़ इल्ज़ाम लगाए गए हैं, कहा कि परमाणु समझौते जेसीपीओए के सदस्य के रूप में फ़्रांस से यह उम्मीद नहीं है कि वह सऊदी अरब के दुष्प्रचार व इल्ज़ाम से प्रभावित होगा कि जिसने हमेशा जेसीपीओए का विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि फ़्रांस-सऊदी अरब के संयुक्त बयान में किए गए दावों के विपरीत, ईरान क्षेत्र के देशों की सुरक्षा व स्थिरता तथा आतंकवाद व आतंकवादी गुटों से संघर्ष के लिए हमेशा सक्रिय रहा है और पश्चिम एशिया में शांति व सुरक्षा लौटाने का एक मात्र रास्ता क्षेत्रीय देशों के बीच बातचीत है।
बहराम क़ासेमी ने देश के मीज़ाईल कार्यक्रम को पूरी तरह आंतरिक विषय बताते हुए कहा कि शायद फ़्रांसीसी अधिकारियों को यह बात पता होगी कि ईरान का मीज़ाईल कार्यक्रम रक्षात्मक व निवारक आयाम रखता और किसी भी देश की सुरक्षा व हित के लिए ख़तरा नहीं है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसी तरह सऊदी अरब-फ़्रांस के संयुक्त बयान में इस दावे को ख़ारिज कर दिया कि ईरान क्षेत्र में कुछ देशों व गुटों को हथियार भेजता है।
बहराम क़ासेमी ने कहा कि फ़्रांस सरकार को चाहिए कि अपने जनमत की इच्छानुसार, सऊदी अरब को हथियार के निर्यात की नीति पर पुनर्विचार करे क्योंकि सऊदी अरब यमनी जनता का ख़ून बहा रहा है। (MAQ/N)