ईरान अपनी प्रतिरोधक क्षमता को कभी नहीं छोड़ेगाः आईआरजीसी
आईआरजीसी के उप कमांडर ने इस बात पर बल देते हुए कि मीज़ाइल ईरान की प्रतिरोधक शक्ति का मुख्य आधार हैं, कहा है कि ईरान कभी इस बात को स्वीकार नहीं करेगा कि उसे प्रतिरोधक क्षमता से निरस्त्र कर दिया जाए।
ब्रिगेडियर जनरल हुसैन सलामी ने सोमवार को तेहरान में फ़ार्स की खाड़ी के राष्ट्रीय दिवस के सम्मेलन के अवसर पर इस बात की ओर संकेत करते हुए कि ईरान की सभी गतिविधियां अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के परिप्रेक्ष्य में हैं और इनमें किसी भी तरह से क़ानूनों का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है, कहा कि पश्चिम की ओर से ईरान के निरस्त्रीकरण की मांग तर्कहीन है। उन्होंने अमरीका के नए विदेश मंत्री माइक पोमपिओ की सऊदी अरब की यात्रा और उनके ईरान विरोधी बयान की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि पश्चिमी एशिया और फ़ार्स की खाड़ी में अमरीका की रणनीति, सुरक्षा व शक्ति का संतुलन बिगाड़ने पर आधारित है।
आईआरजीसी के उप कमांडर ने कहा कि अमरीका, पश्चिमी एशिया और फ़ार्स की खाड़ी के दक्षिण में उपस्थित हो कर सुरक्षा की चुनौती पैदा कर रहा है और इसके अंतर्गत अमरीकी अधिकारी ईरान को एक ख़तरा दर्शा रहे हैं और उस पर आतंकवाद के समर्थन का झूठा आरोप लगा रहे हैं। ब्रिगेडियर जनरल हुसैन सलामी ने इस बात की ओर इशारा करते हुए कि ईरान ने क्षेत्र में आतंकवाद की फ़ाइल बंद कर दी है, कहा किअमरीका चाहता है कि ईरान को क्षेत्र के अरब देशों के समक्ष एक ख़तरा बना कर पेश करे ताकि क्षेत्र में इस्लामी गणतंत्र ईरान की शक्ति को कमज़ोर किया जा सके। उन्होंने कहा कि ईरान ने कभी किसी देश को धमकी नहीं दी है और उसने हमेशा अन्य देशों की अखंडता का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि सऊदी अतिक्रमणकारियों के मुक़ाबले में ईरान की ओर से यमन की जनता का समर्थन, यमन के अत्याचारग्रस्त राष्ट्र के बचाव में है और सीरियाई राष्ट्र का समर्थन इस देश के औपचारिक निवेदन पर हो रहा है। (HN)