ईरान, अमरीका के विरुद्ध क़ानूनी कार्यवाही करेगा
ईरान सरकार ने गुरुवार की रात परमाणु समझौते से अमरीका के ग़ैर क़ानूनी रूप से निकलने पर बयान जारी किया है।
ईरान की सरकार ने अपने बयान में परमाणु समझौते से ग़ैर क़ानूनी रूप से अमरीकी राष्ट्रपति के निकलने को अमरीका द्वारा जेसीपीओए के उल्लंघन का क्रम ही क़रार दिया है। सरकारी बयान में बल दिया गया है कि महान ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध ट्रम्प का घटिया बयान, ईरान सरकार के विरुद्ध उनके निराधार आरोपों,उनकी अज्ञानता और पागलपन का चिन्ह है।
बयान में कहा गया है कि अमरीका वह शासन है जिसके अतिक्रमण ने मध्यपूर्व में तनाव पैदा कर दिया और उसके घटक ज़ायोनी शासन ने पाश्विकता, मानवाधिकार हनन और अतिक्रमण की सारी सीमाएं पार कर दीं और ट्रम्प ने एक हास्यापद दावा करते हुए उसे ईरान की ओर मोड़ दिया।
ईरान सरकार ने अपने बयान में जलवायु परिवर्तन के समझौते से प्रशांत महासागर तक के अंतर्राष्ट्रीय समझौते के बारे में अमरीकी उल्लंघनों की ओर संकेत करते हुए बल दिया कि परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने से जहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अमरीका का अधिक अविश्वसनीय होना सिद्ध हुआ वहीं वर्तमान दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और अमरीका की उपस्थिति में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौते की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है और ट्रम्प के इस कार्य से अंतर्राष्ट्रीय क़ानून व्यवस्था गंभीर ख़तरे का शिकार हो गयी है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान की सरकार ने यह बयान करते हुए कि ट्रम्प के दिखावटी और निराधार दावे का जेसीपीओए की विश्वसनीयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, कहा कि ईरान ने अमरीका के विपरीत हमेशा अपने अंतर्राष्ट्रीय वचनों का पालन किया है और वचनों पर अमल को धार्मिक सिद्धांत और अंतर्राष्ट्रीय नियम मानता है।
सरकार के बयान में आया है कि ईरान, जेसीपीओए से अमरीका के निकलने के मामले को क़ानूनी ढंग से उठाएगा। (AK)