सीरिया पर ज़ायोनी शासन के हमले निंदनीयः ईरान
राष्ट्रसंघ में ईरान के प्रतिनिधि ने इस संघ के महासचिव को पत्र भेजकर ज़ायोनी शासन की ओर से आतंकवादी गुटों के समर्थन की निंदा की है।
ग़ुलाम अली ख़ुसरों ने शुक्रवार को एंटोनियो गुटेरस को पत्र भेजकर बताया है कि इस बात के बहुत से प्रमाण पाए जाते हैं कि ज़ायोनी शासन, आतंकवादी गुटों का खुलकर समर्थन कर रहा है।
अपने इस पत्र में ईरान के प्रतिनिधि ने 10 फ़रवरी की घटना का उल्लेख किया है। पत्र में कहा गया है कि इस दिन सीरिया की सेना के एयर डिफेंस सिस्टम ने ज़ायोनी शासन के एक एफ-16 युद्धक विमान को गोलान में मार गिराया था। पत्र के अनुसार ज़ायोनी शासन का दावा है कि सीरिया की ओर से 10 फ़रवरी का हमला, वास्तव में ईरान के एक ड्रोन के अवैध अधिकृत शासन के भूभाग में आ जाने के कारण हुआ था।
ग़ुलाम अली ख़ुसरो ने संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव को भेजे इस पत्र में कहा है कि ज़ायोनी शासन के गढ़े हुए दावे के विपरीत, ड्रोन न तो हथियारों से लैस था, न युद्ध की इच्छा रखता था और न ही किसी प्रकार का हमला करना चाहता था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसंघ के नियमों के अनुसार ईरान को अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है। ईरानी प्रतिनिधि ने सुरक्षा परिषद से मांग की है कि वह इस अतिग्रहणकारी कार्यवाही की निंदा करते हुए इस अवैध शासन से कहे कि वह ख़तरनाक खेल खेलने से बचे और अपने दायित्वों का निर्वाह करता रहे।
ईरान के प्रतिनिधि ने अपने इस पत्र में ज़ायोनी शासन की ओर से सीरिया पर किये गए हमले की ओर संकेत किया है। पत्र में कहा गया है कि ज़ायोनी शासन की ओर से सीरिया पर हमले, सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन हैं जो अन्तर्राष्ट्रीय नियमों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवादी गुटों के मुख्य समर्थक, इन गुटों को होने वाली पराजय का बदला लेने तथा उनके लिए आगे के हमलों की भूमिका प्रशस्त करने के उद्देश्य से सीरिया पर हमले कर रहे हैं।