विदेशमंत्री चीन पहुंचे, ईरान के हितों पर सघन चर्चा
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ का कहना है कि ईरान और चीन के संबंध हमेशा से अच्छे और सकारात्मक रहे हैं और परमाणु समझौते के बाद इसकी संवेदनशीलता और अधिक बढ़ गयी है।
इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने रविवार को बीजिंग पहुंचने पर उत्तरी अफ़्रीक़ा और पश्चिमी एशिया के मामलों के मंत्री दंक ली से मुलाक़ात की।
इस मुलाक़ात में दोनों देशों के नेताओं ने दोनों देशों के आर्थिक और राजनैतिक संबंधों पर बल देते हुए परमाणु समझौते की रक्षा और इस समझौते के सम्मान पर बल दिया।
विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ जेसीपीओए में ईरानी हितों की रक्षा और इस समझौते के जारी रहने की संभावना पर वार्ता करने के लिए बीजिंग पहुंचे हैं।
विदेशमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान चीन के विदेशमंत्री वांग यी से भी मुलाक़ात करेंगे।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री, राष्ट्रपति रूहानी के आदेशानुसार परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने, परमाणु समझौते के जारी रहने की संभावना और इस समझौते में वर्णित ईरान के हितों की पूर्ती के लिए विचार विमर्श हेतु बीजिंग पहुंचे हैं।
अमरीका एकपक्षीय रूप से ईरान के परमाणु समझौते से बाहर निकल गया है, लेकिन यूरोपीय देशों ने इस समझौते में बने रहने की बात कही है।
विश्लेषकों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प का यह फ़ैसला, वाशिंगटन को उसके यूरोपीय घटक देशों से अलग कर देगा और इसके बाद विश्व में परमाणु हथियारों का व्यापक प्रसार हो सकता है।
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कि जिनके शासनकाल में यह समझौता हुआ था कहा है कि ईरान ने इस समझौता का कोई उल्लंघन नहीं किया है, ऐसी स्थिति में इससे बाहर निकलने का फ़ैसला एक बड़ी ग़लती है। (AK)