रणनैतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में पीछे नहीं रहेंगेः न्यायपालिका प्रमुख
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ईरान की न्यायपालिका प्रमुख ने कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान क्षेत्र के अत्याचारग्रस्त लोगों के समर्थन और अपने रणनैतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के अपने उच्च और मूल्यवान लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २८, २०१८ १६:१७ Asia/Kolkata
  • रणनैतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में पीछे नहीं रहेंगेः न्यायपालिका प्रमुख

ईरान की न्यायपालिका प्रमुख ने कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान क्षेत्र के अत्याचारग्रस्त लोगों के समर्थन और अपने रणनैतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के अपने उच्च और मूल्यवान लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगा।

न्यायपालिका प्रमुख आयतुल्लाह सादिक़ आमुली लारीजानी ने सोमवार को न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में परमाणु समझौते से अमरीका के एकपक्षीय रूप से निकलने और उसके बाद अमरीकी शर्तों की ओर संकेत करते कहा कि अमरीका सोचता है कि ईरानी राष्ट्र को नई घटनाओं में उलझा दें किन्तु उसे पता ही नहीं कि वह बहुत बड़ी ग़लती कर बैठा हे क्योंकि ईरानी जनता के लिए अमरीका द्वारा इस प्रकार की कार्यवाहियां, घिसीपिटी हैं। 

न्यायपालिका प्रमुख ने यह बयान करते हुए कि इस्लामी क्रांति के विरुद्ध अमरीकी प्रशासन के विश्वासघात यथावत जारी हैं, कहा कि ईरान के चालीस वर्षीय अनुभव अमरीकियों के लिए काफ़ी नहीं है और आज फिर वह पूरी शक्ति से ईरानी राष्ट्र के इरादे को कमज़ोर करने और उसको पराजित करने के लिए मैदान में उतर आए हैं।

श्री सादिक़ आमुली लारीजानी ने कहा कि अमरीकी सरकार के सलाहकार, आज दुनिया के सबसे कुख्यात और क्रूर आतंकवादियों के संपर्क में हैं और इस प्रकार का प्रशासन ईरानी राष्ट्र को घुटने टेकने पर विवश नहीं कर सकता।  

शुक्रवार को वियना में ईरान, ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन, रूस और जर्मनी के प्रतिनिधियों तथा योरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी की सहायक की मौजूदगी में जेसीपीओए के संयुक्त आयोग की बैठक हुई थी।

अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने 8 मई को ईरान के ख़िलाफ़ निराधार दावे दोहराते हुए, जेसीपीओए से अमरीका के निकलने और ईरान के ख़िलाफ़ 3 से 6 महीने के भीतर परमाणु पाबंदियों को फिर से लगाने का एलान किया।

ट्रम्प के इस फ़ैसले की न सिर्फ़ अमरीका के भीतर बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है। ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, रूस, चीन और योरोपीय संघ जेसीपीओए के अन्य पक्ष के रूप में इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते का समर्थन करते हैं।(AK)