ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी अदालतों के शत्रुतापूर्ण फ़ैसले निंदनीयः विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने नाइन इलेवन की घटना से संबंधित केस में ईरान के ख़िलाफ़ न्यूयाॅर्क की अदालत के फ़ैसले को शत्रुतपूर्ण बताया है।
बहराम क़ासेमी ने न्यूयार्क अदालत के इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान हमेशा अपने ख़िलाफ़ अमरीकी अदालतों के शत्रुतापूर्ण, राजनैतिक, निराधार और अनुपस्थिति में सुनाए जाने वाले फ़ैसलों की निंदा करता है और उन्हें रद्द करता है। उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला एेसे समय में सामने आया है जब सभी जानते हैं कि इस घटना में ईरान के लिप्त होने का कोई प्रमाण नहीं है और इस प्रकार के फ़ैसलों से न केवल अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनी व्यवस्था बल्कि अमरीकी जनता विशेष रूप से नाइन इलेवन की घटना में मारे जाने वालों के परिजनों का भी मज़ाक़ उड़ाया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका की ही सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक़ इस आतंकी घटना का आदेश देने वाले और इसे अंजाम देने वाले वाॅशिंग्टन के ही क्षेत्रीय घटकों में से थे।
बहराम क़ासेमी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान ने अमरीकी हितों के रक्षक कार्यालय के माध्यम से अपनी औपचारिक आपत्ति से अमरीका को अवगत करा दिया है, कहा कि इस तरह के ग़ैर क़ानूनी फ़ैसले अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनी व्यवस्था का खुला उल्लंघन हैं और ईरान इससे प्रभावी मुक़ाबले और संभावित नुक़सानों की पूर्ति के अपने अधिकार को सुरक्षित समझता है। ज्ञात रहे कि न्यूयाॅर्क की एक अदालत ने हाल ही में बिना किसी प्रमाण के ईरान को 9/11 की घटना में मारे जाने वालों के परिजनों को 6 अरब डाॅलर हर्जाना देने के आदेश दिया है। इस अदालत के जज जाॅर्ज बी डेनियल्ज़ ने ईरान की सरकार और आईआरजीसी को इस आतंकी घटना में एक हज़ार से अधिक लोगों के मारे जाने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है। (HN)