परमाणु समझौते से अमरीका का निकलना, वाशिंग्टन के लिए हानिकारक हैः रूहानी
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इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि परमाणु समझौते जेसीपीओए से अमरीका का निकलना, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के बारे में इस देश के उल्लंघनों और ईरानी राष्ट्र के लिए मूल्यवान विजय का चिन्ह है।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Jun ०३, २०१८ ०६:१० Asia/Kolkata
  • परमाणु समझौते से अमरीका का निकलना, वाशिंग्टन के लिए हानिकारक हैः रूहानी

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि परमाणु समझौते जेसीपीओए से अमरीका का निकलना, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के बारे में इस देश के उल्लंघनों और ईरानी राष्ट्र के लिए मूल्यवान विजय का चिन्ह है।

राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शनिवार की रात सुन्नी धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों से मुलाक़ात में कहा कि अब अमरीकियों के पास ईरान के विरुद्ध दबाव डालने के बहाने नहीं रह गये क्योंकि ईरान अपने वचनों और प्रतिबद्धताओं पर वचनबद्ध रहा और उसने विश्व समुदाय के नियमों का सम्मान किया जबकि सामने वाले पक्ष ने परमाणु समझौते से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय नियमों और सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि अमरीकियों को पहली बार एक महत्वपूर्ण राजनैतिक मुक़ाबले में जब उन्होंने ईरानी राष्ट्र की निंदा का मन बनाया तो कुछ छोटे देशों को छोड़कर पूरी दुनिया उनके मुक़ाबले में डट गयी और यह ईरानी राष्ट्र की बहुत बड़ी विजय है। 

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने हालिया दिनों में कुछ देशों द्वारा सुरक्षा परिषद में बैतुल मुक़द्दस और फ़िलिस्तीन के विषय के बारे में अमरीकी नीतियों के विरोध की ओर संकेत करते हुए कहा कि ग़ज़्ज़ा की जनता के विरुद्ध अमरीकी प्रस्ताव के पक्ष में केवल एक वोट पड़ा जो क्षेत्र और मुसलमानों के लिए बहुत बड़ी सफलता है।

ज्ञात रहे कि अमरीका ने ग़ज़्ज़ा पट्टी और अतिग्रहित पश्चिमी तट में फ़िलिस्तीनियों की जान की रक्षा पर आधारित कुवैत द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को वीटो कर दिया और इस प्रस्ताव के विकल्प के तौर पर उसने जो प्रस्ताव पेश किया उसका किसी देश ने समर्थन नहीं किया था।

15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में कुवैत द्वारा प्रस्तावित मसौदे के पक्ष में फ़्रांस, रूस और चीन सहित 7 अन्य सदस्य देशों ने वोट किया जबकि ब्रिटेन सहित 4 देशों ने इस प्रस्ताव पर मतदान में भाग नहीं लिया। (AK)