अफ़ग़ानिस्तान में धर्मगुरुओं पर हमला, ईरान ने निंदा की
ईरान ने अफ़ग़ानिस्तान में धर्मगुरुओं को निशाना बनाकर किए गये आत्मघाती हमले की निंदा की है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने अफ़ग़ानिस्तान में धर्मगुरुओं की परिषद की बैठक को निशाना बनाकर किए गये आत्मघाती हमले की निंदा करते हए इस अपराध में मारे गये लोगों के परिजनों, अफ़ग़ान सरकार और राष्ट्र से सहृदयता व्यक्त की है।
अफ़ग़ानिस्तान में धर्मगुरुओं की परिषद की बैठक की समाप्ति के बाद आत्मघाती हमला उस समय हुआ जब धर्मगुरु बैठक स्थल से बाहर निकल रहे थे। अभी तक किसी व्यक्ति या गुट ने हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।
हमलावर ने स्वयं को लोया जिर्गा की बैठक के टेंट से बाहर विस्फोटक पदार्थ से उड़ा दिया जबकि बैठक स्थल में दो हज़ार से अधिक धर्मगुरु उपस्थित थे।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने कहा कि एेसे दिन जब अफ़ग़ानिस्तान के धर्मगुरु एकत्रित हुए ताकि वह हिंसा और रक्तपात की निंदा करें और देश में शांति की स्थापना के उपायों पर विचार विमर्श करें, युद्धोन्मादी घटिया आतंकवादियों ने एक अन्य अपराध अंजाम दिया ताकि इस देश के धर्मगुरुओं के शांतिप्रेम और सत्यप्रेम की आवाज़, मानवता, दया, कृपा और आतंकवाद तथा हिंसा से दुश्मनी और उससे संघर्ष का संदेश दुनिया के अन्य राष्ट्रों तक न पहुंच सके।
श्री बहराम क़ासिमी ने अपने बयान में कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के समस्त राष्ट्रों और जातियों के साथ सरकार और राष्ट्र की समझबूझ और एकता की छत्रछाया में इस देश में स्थाई शांति स्थापित हो ताकि इस अशांति माहौल को पार किया जा सके।
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान अतीत की भांति, अफ़ग़ानिस्तान की सरकार और राष्ट्र के साथ मिलकर इस देश में शांति और सुरक्षा की स्थापना में सहायता करने को तैयार है।