7 वर्षीय ईरानी लड़की ने कई तरह से क़ुरआन को किया हिफ़्ज़
ईरान की सात वार्षीय लड़की ने पवित्र क़ुरआन करीम को विभिन्न प्रकार से हिफ़्ज़ करके सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़ इस्लामी गणतंत्र ईरान के “रय” शहर की रहने वाली सात वर्षीय “ज़हा मियूंद” ने 7 वर्ष की आयु में पूरे पवित्र क़ुरआन को विभिन्न प्रकार से याद (हिफ़्ज़) करके दुनिया को हैरत में डाल दिया है।
शाह अब्दुल अज़ीम रौज़े के “दारुल क़ुरआन” के प्रमुख हुज्जतुल्लाह मीरज़ाई ने समाचार एजेंसी इर्ना को दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि दारुल क़ुरआन की ओर से पवित्र क़ुरआन को हिफ़्ज़ करने के लिए एक कोर्स रखा गया था, जिसमें पूरे कोर्स में नियमित तौर पर हर छात्र को एक से ढेड़ पारा याद कराया जाता है।
उन्होंन बताया कि सात वर्षीय ज़हा मियूंद ने हम सब को उस समय हैरत में डाल दिया जब उसने हर कोर्स में एक और ढेड़ पारे के बजाए पांच-पांच पारे हिफ़्ज़ कर लिए। श्री मीरज़ाई ने बताया कि ज़हा मियूंद इतनी ज़्यादा मज़बूत इरादे वाली और ज़हीन बच्ची थी कि उसने 18 महीनों के भीतर ही पूरे क़ुरआन को हिफ़्ज़ कर लिया और इस बच्ची ने न केवल एक तरीक़े से बल्कि विभिन्न तरह से पूरे क़ुरआन को हिफ़्ज़ किया है।
इस मासूम हाफ़िज़ बच्ची की मां मरयम नेअमतुल्लाही ने अपनी बेटी की अपार क्षमता और पवित्र क़ुरआन को याद करने के बारे में इर्ना के संवाददाता को बताया कि ज़हा ने 2 वर्ष की आयु में क़ुरआन की आयतों, विशेषकर आयतल कुर्सी को बहुत ही सरलता से याद कर लिया था। (RZ)