ईरानी राष्ट्र कभी भी विदेशी दबाव के सामने नहीं झुकेगाः रूहानी
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने स्वीट्ज़रलैंड में रहने वाले ईरानियों से मुलाक़ात में बल दिया कि ईरानी राष्ट्र कभी भी विदेशी दबाव के सामने नहीं झुकेगा।
इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार दो योरोपीय देशों स्वीट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया के दौरे के पहले चरण में स्वीज़रलैंड पहुंचे राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा कि विदेश में रहने वाले ईरानी, राष्ट्र के दूत हैं। उन्होंने विदेशों में रहने वाले ईरानियों से देश के भीतर पूंजीनिवेश और वास्तविकताओं को बयान करने की अपील की है।
उन्होंने विदेश में रह रहे ईरानियों की मूल्यवान गतिविधियों को गर्व का कारण बताया और कहा कि हम सब की ज़िम्मेदारी राष्ट्र के अधिक कल्याण और विकास के लिए प्रयास करने की है।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने विश्व शक्तियों से वार्ता में ईरानी राष्ट्र के तर्क की ओर संकेत करते हुए कहा कि परमाणु समझौते के क्रियान्वयन के परिणाम में दुनिया के साथ ईरान के वैज्ञानिक और आर्थिक लेनदेन और सहयोग में रौनक़ पैदा होगी और विदेशों में रह रहे ईरानियों की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में अरबों डाॅलर का पूंजीनिवेश होगा।
राष्ट्रपति ने यह बयान करते हुए कि परमाणु समझौता दुनिया और ईरान के हित में अंजाम पाया है, कहा कि ईरान का तर्क बदला नहीं है किन्तु एकपक्ष तर्कहीनता का प्रदर्शन करते हुए परमाणु समझौते से निकल गय जिसका लक्ष्य ईरानी राष्ट्र पर दबाव डालना है।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि प्रतिबंधों से अमरीका का लक्ष्य, ईरानी जनता की ज़िंदगी पर दबाव डालना है किन्तु वह यह दावा कर रहा है कि वह ईरानी सरकार पर दबाव डाल रहा है जबकि वह दवाएं जैसी जनता की आवश्यकताओं की चीज़ों के आयात और तेल के निर्यात को रोकने के प्रयास, ईरानी जनता पर डबल दबाव के अर्थ में है।
ज्ञात रहे कि ईरानी राष्ट्रपति अपने स्वीज़ समकक्ष अलन बर्सेट के निमंत्रण पर एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ स्वीट्ज़रलैंड के दौरे पर हैं। (AK)