क्या पुतिन, ट्रम्प के साथ मुलाक़ात में ईरानी कार्ड चलेंगे?
शुक्रवार को वियना में परमाणु समझौते के बाद, अमरीका को छोड़कर रूस, चीन, ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और ईरान के विदेश मंत्रियों ने एक बैठक में भाग लिया।
अमरीका परमाणु समझौते से निकल चुका है और उसके इस अंतरराष्ट्रीय समझौते से बाहर निकलने के बाद इसके भविष्य को लेकर ईरान और विश्व की पांच बड़ी शक्तियों की यह पहली बैठक थी।
जैसा कि इस बैठक के बाद औपचारिक रूप से एलान किया गया है कि यह देश परमाणु समझौते को बाक़ी रखेंगे और इसके तहत ईरान के हितों की रक्षा की जाएगी।
समीक्षकों का मानना है कि वियना बैठक अमरीकी और रूसी राष्ट्राध्यक्षों की मुलाक़ात से ठीक पहले हुई है, इसलिए दोनों नेताओं की बातचीत में परमाणु समझौता भी शामिल रहेगा।
ऐसी संभावना है कि इस्राईली प्रधान मंत्री की तरह अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प भी पुतिन को इस बात के लिए राज़ी करने की कोशिश कर सकते हैं कि मास्को परमाणु समझौते का समर्थन बंद कर दे। वाशिंगटन, सीरिया में ईरान की उपस्थिति को समाप्त करने के लिए मास्को से मदद की अपील भी कर सकता है।
हालांकि रूस अगर चाहेगा भी तो सीरिया में ईरान की उपस्थिति के विषय को प्रभावित नहीं कर सकेगा। इसलिए रूस, ईरान और सीरिया के मामले में अमरीका से कुछ विशिष्टताएं तो हासिल कर सकता है, लेकिन वह किसी भी तरह अपने इन दो घटकों की नाराज़गी मोल लेना नहीं चाहेगा। msm